
भीलवाड़ा के आर्य विद्या मंदिर परिसर में तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। स्कूल की तीसरी मंज़िल पर बने एक कमरे में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे कमरे की दीवार गूंज के साथ भरभराकर गिर पड़ी। धमाके की तीव्रता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि कमरे का मुख्य दरवाज़ा उखड़कर करीब 20 से 25 फीट दूर जा गिरा। हादसे के वक्त परिसर में स्कूल के प्रधानाचार्य का परिवार मौजूद था और सभी उसी कमरे में सो रहे थे। इस घटना में प्रधानाचार्य बालमुकुंद, उनकी पत्नी और उनकी तीन बेटियों को हल्की चोटें आईं। सभी घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कमरे में गैस का रिसाव हो गया था, जिससे पूरा कमरा गैस से भर गया और अचानक विस्फोट हो गया, परिणामस्वरूप दीवार गिर गई।
सड़क पार घर तक पहुंचे मलबे के टुकड़े
धमाका इतना शक्तिशाली था कि हॉल के दरवाज़े और दीवार के कुछ हिस्से सड़क पार स्थित एक अन्य मकान के छज्जे तक जा गिरे। तेज आवाज़ और मलबा गिरने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं ताकि विस्फोट के कारणों की गहन जांच की जा सके।
बड़ी जनहानि टली, सामान को भारी नुकसान
मामले पर जानकारी देते हुए सहायक उप निरीक्षक जयसिंह मीणा ने बताया कि सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार कर दिया गया है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। वहीं, प्रधानाचार्य बालमुकुंद ने बताया, “यह घटना सुबह करीब चार बजे हुई। अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते कमरे की दीवार ढह गई। कमरे में रखा सारा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया—टीवी, फ्रिज और अलमारियां तक अपनी जगह से हिल गईं।” प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।














