न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

राज ठाकरे संग नए 'खेला' की तैयारी, उद्धव का ऐलान, साथ आए हैं और साथ ही रहेंगे

उद्धव ठाकरे ने यह सार्वजनिक घोषणा भी कर दी कि "अब हम साथ आए हैं तो साथ ही रहेंगे।" मुंबई की आवाज मराठीचा रैली ने न केवल मराठी अस्मिता की आवाज बुलंद की, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत में एक संभावित ‘खेला’ की बुनियाद भी रख दी।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Sat, 05 Jul 2025 9:54:57

राज ठाकरे संग नए 'खेला' की तैयारी, उद्धव का ऐलान, साथ आए हैं और साथ ही रहेंगे

बीते दो दशकों से राजनीतिक रूप से अलग राह पर चल रहे ठाकरे बंधु — उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे — अब एक मंच पर न केवल साथ दिखे, बल्कि उद्धव ठाकरे ने यह सार्वजनिक घोषणा भी कर दी कि "अब हम साथ आए हैं तो साथ ही रहेंगे।" मुंबई की 'आवाज मराठीचा' रैली ने न केवल मराठी अस्मिता की आवाज बुलंद की, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत में एक संभावित ‘खेला’ की बुनियाद भी रख दी।

मराठी अस्मिता के नाम पर बड़ी रैली


शनिवार को मुंबई में आयोजित 'आवाज मराठीचा' रैली का मकसद मराठी भाषा के अधिकारों की रक्षा और राज्य सरकार के हिंदी भाषा थोपने वाले फैसले के विरोध में एकजुटता दिखाना था। मंच पर उद्धव और राज ठाकरे की मौजूदगी ने रैली को सिर्फ भाषाई नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक बना दिया। मंच से उद्धव ने स्पष्ट कहा, “हम साथ आए हैं, साथ ही रहेंगे। ये केवल मंच की बात नहीं है, ये भविष्य की रणनीति का ऐलान है।”

भाजपा और शिंदे पर तीखा वार


रैली में दोनों नेताओं ने भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरते हुए कहा कि सरकार मराठी भाषा को हाशिए पर धकेलने की कोशिश कर रही है। उद्धव ने कहा, “अगर मराठी के लिए लड़ना गुंडागर्दी है, तो हम गुंडे हैं।” वहीं, राज ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा, “देवेंद्र फडणवीस ने वह कर दिखाया, जो बालासाहेब ठाकरे भी नहीं कर पाए – दोनों भाइयों को एक साथ खड़ा कर दिया।”

नगर निगम और राज्य की सत्ता पर नज़र

रैली में उद्धव ने खुलकर कहा कि अब शिवसेना (यूबीटी) और मनसे मिलकर मुंबई नगर निगम (BMC) और महाराष्ट्र की सत्ता पर कब्जा करने की रणनीति बना रहे हैं। यह संकेत केवल महापालिका तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यस्तरीय चुनावी मोर्चेबंदी की भूमिका भी तैयार कर रहा है। उद्धव ने जनता को भरोसा दिलाया कि दोनों दल मराठी अस्मिता और अधिकारों के लिए संयुक्त रूप से लड़ेंगे।

विपक्षी मोर्चे की नई संरचना?

महाराष्ट्र में फिलहाल भाजपा–शिंदे सेना गठबंधन सत्ता में है, जबकि विपक्ष में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी शरद पवार गुट की महाविकास अघाड़ी है। ऐसे में अगर राज ठाकरे की मनसे इस गठबंधन में शामिल होती है, तो यह समीकरण भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। खासकर शहरी मराठी वोट बैंक पर इसका असर पड़ सकता है, जहां मनसे की सीधी पकड़ रही है।

आगामी चुनाव में बनेगा असर?

महाराष्ट्र में जल्द ही नगर निगम चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू होने वाली है। ऐसे में उद्धव-राज का एकजुट होना एक भावनात्मक और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बना सकता है। अगर यह गठबंधन चुनावी रूप लेता है, तो शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के सामने मराठी अस्मिता के नाम पर एक मजबूत चुनौती खड़ी हो सकती है।

मराठी भाषा की लड़ाई या सत्ता की नई बिसात?

हालांकि रैली का औपचारिक मुद्दा मराठी भाषा का सम्मान और हिंदी की अनिवार्यता के विरोध से जुड़ा था, लेकिन मंच पर दिखा भाईचारा साफ संकेत देता है कि यह राजनीतिक नजदीकी केवल भाषाई मसले तक सीमित नहीं है। यह आगामी चुनावों के लिए मतदाताओं की भावनाओं को साधने और एक वैकल्पिक सत्ता केंद्र खड़ा करने की शुरुआत है।

क्या ये ‘खेला’ लंबे समय तक टिकेगा?

राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही स्थायी नहीं होती। ठाकरे बंधुओं की यह एकता फिलहाल मराठी गर्व और भाजपा विरोध के इर्द-गिर्द बनी दिख रही है। लेकिन भविष्य की राजनीति इस बात पर निर्भर करेगी कि यह गठबंधन कितना व्यावहारिक, टिकाऊ और मतदाताओं के लिए विश्वसनीय साबित होता है। एक बात तय है—महाराष्ट्र की राजनीति में अब नया मोड़ आ चुका है।

राज्य
View More

Shorts see more

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

  • खाली पेट देसी घी खाने से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है।
  • यह त्वचा में निखार और हड्डियों को मजबूती देने में मददगार माना जाता है।
  • संतुलित मात्रा में घी दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?