
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ बयानों के असर को लेकर सुबह भले ही भारतीय शेयर बाजार में कुछ दबाव देखा गया हो, लेकिन दोपहर बाद बाजार ने जबरदस्त रिकवरी दिखाई और अंततः हरे निशान में बंद हुआ। निवेशकों में यह विश्वास बढ़ा कि ट्रंप की टिप्पणियों का असर वैश्विक ट्रेड पर गंभीर नहीं होगा, जिससे बाजार में फिर से खरीदारी लौटी।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में रही मजबूती, दोपहर में बदला रुख
बीएसई सेंसेक्स आज के सत्र में करीब 150 अंकों तक उछल गया था। अंततः यह 79.27 अंकों की बढ़त के साथ 80,623.26 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 21.95 अंकों की बढ़त लेकर 24,596.15 के स्तर पर बंद हुआ। यह इस बात का संकेत है कि विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों ने बाजार को लेकर भरोसा बनाए रखा।
बाजार की शुरुआत में हल्की कमजोरी देखी गई थी, लेकिन जैसे-जैसे विदेशी संकेत स्थिर हुए और ट्रंप के बयानों का प्रभाव सीमित नजर आने लगा, बाजार में मजबूती लौटी। दोपहर 3:30 बजे तक सेंसेक्स 150 अंक ऊपर जा चुका था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि बिकवाली के बजाय निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर ज्यादा है।
किन सेक्टर्स में रही मजबूती?
आज के कारोबार में बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। निजी बैंकों और लार्ज-कैप आईटी कंपनियों ने बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने रुचि दिखाई।
ट्रंप द्वारा अमेरिकी आयात शुल्कों को लेकर की गई बयानबाजी को लेकर वैश्विक बाजारों में थोड़ी हलचल जरूर हुई, लेकिन भारत सहित अन्य एशियाई बाजारों में इसका असर सीमित रहा। निवेशकों का मानना है कि यह केवल चुनावी बयानबाजी है और इससे व्यापारिक नीतियों में तत्काल कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकवरी दर्शाती है कि भारतीय बाजार फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं और वैश्विक दबावों के बावजूद खरीदारी की संभावना बनी हुई है। आगे आने वाले कारोबारी सत्रों में नीतिगत घोषणाएं और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।














