न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सुप्रिया सुले के बयान से उलझी सियासत, क्या ईवीएम पर स्टैंड बदलकर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया?

ईवीएम को लेकर सुप्रिया सुले के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। लोकसभा में ईवीएम के समर्थन से न सिर्फ कांग्रेस असहज हुई, बल्कि राकांपा (शरदचंद्र पवार) की पुरानी लाइन पर भी सवाल उठे। क्या यह स्टैंड बदलने का संकेत है या रणनीतिक बदलाव?

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 16 Dec 2025 12:43:23

सुप्रिया सुले के बयान से उलझी सियासत, क्या ईवीएम पर स्टैंड बदलकर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया?

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले का ईवीएम को लेकर दिया गया ताजा बयान राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ गया है। सोमवार को लोकसभा में ईवीएम के समर्थन में बोलते हुए उन्होंने न सिर्फ कांग्रेस को असहज किया, बल्कि अपनी ही पार्टी की अब तक चली आ रही लाइन पर भी सवाल खड़े कर दिए। उनके इस रुख को कई राजनीतिक विश्लेषक राकांपा (एसपी) के पुराने एजेंडे से टकराव के तौर पर देख रहे हैं।

महाराष्ट्र चुनावों की पृष्ठभूमि और पार्टी के भीतर विरोधाभास

पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में राकांपा (शरदचंद्र पवार) को सीमित सफलता मिली थी। पार्टी के 10 विजयी विधायकों में से एक ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में मतपत्रों के जरिए पुनर्मतदान की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ा था। इस आंदोलन को न केवल पार्टी के भीतर समर्थन मिला, बल्कि स्वयं शरद पवार भी इसके पक्ष में खड़े दिखाई दिए थे। ऐसे में सुप्रिया सुले का मौजूदा बयान पार्टी की उसी पृष्ठभूमि के उलट जाता नजर आता है।

‘मैं चार बार इसी मशीन से जीतकर आई हूं’—सुप्रिया का स्पष्ट रुख

लोकसभा में बोलते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि वह चार बार ईवीएम के जरिए चुनाव जीत चुकी हैं, इसलिए ईवीएम या वीवीपैट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का कोई कारण नहीं देखतीं। उन्होंने साफ किया कि वह इन मशीनों को लेकर किसी तरह की शंका व्यक्त नहीं करेंगी। यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दलों का एक बड़ा वर्ग ईवीएम को लेकर संदेह जता रहा है।

हालांकि, सुप्रिया सुले की यह स्पष्टता उस समय की उनकी चुप्पी से बिल्कुल अलग दिखाई देती है, जब 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद मालशिरस सीट से उनकी ही पार्टी के विधायक उत्तमराव जानकर ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मतपत्रों से पुनर्मतदान की मांग की थी।

मार्कडवाड़ी प्रकरण और प्रशासनिक कार्रवाई

उत्तमराव जानकर ने नए मुख्यमंत्री के शपथग्रहण से ठीक दो दिन पहले अपने गांव मार्कडवाड़ी में मतपत्रों के जरिए प्रतीकात्मक पुनर्मतदान भी करवा दिया था। बाद में प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए। जानकर ने अपने दावे के समर्थन में करीब 1,76,000 मतदाताओं के शपथपत्र पेश किए थे, जिन्हें उन्होंने ईवीएम में कथित हेराफेरी का प्रमाण बताया।

शरद पवार का समर्थन और ईवीएम पर सवाल

जानकर के आंदोलन के दौरान राकांपा (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार स्वयं पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के साथ मार्कडवाड़ी पहुंचे थे। वहां उन्होंने मतपत्रों के जरिए पुनर्मतदान की पहल को देश के लिए एक “सही दिशा” बताया था। पवार ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि ईवीएम से आए नतीजे कई बार अप्रत्याशित होते हैं और इस पूरी मतदान प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है।

उन्होंने यह भी दावा किया था कि कुछ आंकड़ों के अध्ययन से ईवीएम को लेकर विसंगतियां सामने आई हैं और मार्कडवाड़ी के लोगों ने इस मुद्दे पर साहसिक पहल कर पूरे देश का ध्यान खींचा है।

सहयोगी दलों की लाइन और नया सियासी झटका

सिर्फ राकांपा ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में उसके सहयोगी दल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) भी लगातार ईवीएम पर सवाल उठाते रहे हैं। अब जबकि राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव घोषित हो चुके हैं, सुप्रिया सुले का ईवीएम के पक्ष में दिया गया बयान इन दलों के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तर्ज पर मतचोरी के आरोप लगाते रहे हैं और ईवीएम के खिलाफ मुखर हैं। ऐसे माहौल में सुप्रिया सुले का अलग रुख महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति में नई दरार की ओर इशारा करता दिख रहा है।

नई लकीर या रणनीतिक बदलाव?

सुप्रिया सुले का यह बयान केवल एक व्यक्तिगत राय है या फिर पार्टी की सोच में संभावित बदलाव का संकेत—यह सवाल फिलहाल खुला है। लेकिन इतना तय है कि ईवीएम को लेकर उनके शब्दों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा और असमंजस दोनों को जन्म दे दिया है।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर की बात, स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
‘वह नमाज पढ़ने उठा था, फिर अचानक मेरे सिर पर वार करने लगा’, स्मित मच्छार ने सुनाई पूरी कहानी
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी को-पायलट की पोस्ट ने उठाए सवाल, महिलाओं को लेकर लिखी थी विवादित बातें
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने आरोपों की फिर जांच, केरल सरकार ने विजिलेंस को सौंपी जांच
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
CJP को बदनाम करने वालों पर अभिजीत दीपके का पलटवार, बोले- बहस में समय गंवाने से बेहतर युवाओं के लिए काम करना
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
351 रन बनाने के बाद भी हार गया भारत, शुभमन गिल ने बताया कहां चूकी टीम
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
‘दृश्यम 3’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम, 200 करोड़ के करीब पहुंची अजय देवगन की फिल्म
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
ममता बनर्जी ने CJP के आंदोलन को दिया समर्थन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
हिटमैन ने मचाया धमाल, सचिन का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: भारत ने हॉकी में फिर लहराया तिरंगा, मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता गोल्ड
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, तमिलनाडु में 5 पर कार्रवाई, एक बर्खास्त
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
यूपी MLC चुनाव से पहले सपा ने बदले दो उम्मीदवार, आकाश अग्रवाल और संजयन त्रिपाठी को पार्टी में शामिल कर दिया टिकट
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
सलमान खान पर सवाल हुआ तो बदल गया अरबाज खान का अंदाज, मीडिया के सामने यूं जताई नाराजगी
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत
ऊपरी होंठ पर बाल आना सामान्य या किसी बीमारी का संकेत? जानें कब सावधान होने की जरूरत