
भारतीय शेयर बाजार बुधवार 2 जुलाई को गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारी दिन की शुरुआत भले ही तेजी के साथ हुई थी, लेकिन अंत तक बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स 287.60 अंक या 0.34 फीसदी की गिरावट के साथ 83,409.69 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 88.40 अंक या 0.35 फीसदी टूटकर 25,453.40 अंक पर आ गया।
इस गिरावट का मुख्य कारण बैंकिंग सेक्टर में आई कमजोरी रहा। निफ्टी बैंक इंडेक्स 460.25 अंक यानी 0.80 फीसदी गिरकर 56,999.20 पर बंद हुआ। इसके साथ ही एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, इन्फ्रा और पीएसई सेक्टर भी लाल निशान में बंद हुए। हालांकि, ऑटो, आईटी, फार्मा, मेटल और कमोडिटी शेयरों में मामूली तेजी देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी रही बिकवाली
बाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 82.80 अंक या 0.14 फीसदी गिरकर 59,667.25 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 78.60 अंक या 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ 18,977.10 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
बुधवार को सेंसेक्स में टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा और एचयूएल टॉप गेनर्स के रूप में उभरे। वहीं, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, बीईएल, पावर ग्रिड, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई टॉप लूजर्स रहे।
विश्लेषकों की राय और बाजार के रुझान
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, पहली तिमाही के नतीजों को लेकर बाजार में कुछ उम्मीदें बनी हुई हैं। भारत की मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति और सरकार द्वारा बढ़ाया गया खर्च बाजार की बुनियादी मजबूती को सहारा दे रहा है।
एफआईआई और डीआईआई का निवेश
1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखते हुए 1,970.14 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 771.08 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और बाजार में स्थिरता लाने का प्रयास किया।
कारोबार की शुरुआत रही तेज, लेकिन अंत में दिखा दबाव
दिन की शुरुआत हरे निशान में हुई थी। सुबह करीब 9:23 बजे सेंसेक्स 225.5 अंक या 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,922.79 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 58.75 अंक या 0.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,600.55 पर था। लेकिन दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा और बाजार लाल निशान में बंद हो गया।
बैंकिंग शेयरों की कमजोरी और वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता ने निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित किया है। हालांकि कुछ सेक्टर्स में मजबूती बनी हुई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब आगामी कॉरपोरेट रिजल्ट्स और वैश्विक संकेतों पर टिकी है।














