
महाराष्ट्र के सतारा जिले में सामने आई ड्रग फैक्ट्री की कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने बेहद गोपनीय अभियान के तहत एक अवैध ड्रग निर्माण इकाई पर छापा मारते हुए उसे सील कर दिया। शुरुआती जांच में यहां नशीले पदार्थों के निर्माण के पुख्ता संकेत मिले हैं। यह अवैध गतिविधि सावरी गांव के एक बंगले के आसपास संचालित की जा रही थी, जहां से प्रसिद्ध बामनोली पर्यटन स्थल भी ज्यादा दूर नहीं है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 किलोग्राम से अधिक एमडी ड्रग्स बरामद की है। इसके साथ ही तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मुंबई पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, ड्रग्स तैयार करने वाले आरोपी पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन्होंने भैंसों के बाड़े की आड़ में पूरी ड्रग फैक्ट्री खड़ी कर दी थी, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने कार्रवाई के बाद उस बाड़े को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
तेजस होटल से जुड़ने लगे तार
जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली है कि ड्रग फैक्ट्री से जुड़े लोग ठाणे स्थित तेजस होटल से नियमित रूप से खाना मंगवाते थे। यह होटल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि फिलहाल होटल की प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। इसके बावजूद, मामले में कथित शिवसेना कनेक्शन की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
विपक्ष के हमले तेज
सतारा ड्रग फैक्ट्री प्रकरण को लेकर नागपुर में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों का दावा है कि इस मामले में सत्तारूढ़ दल के करीबी लोगों की भूमिका हो सकती है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गृह मंत्रालय से जवाब मांगते हुए कहा कि सतारा में पकड़ी गई ड्रग फैक्ट्री में शिंदे गुट से जुड़े लोगों की संलिप्तता की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
जांच जारी, सरकार की चुप्पी
फिलहाल महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुंबई पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, अब तक शिवसेना या उसके किसी पदाधिकारी के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके, ड्रग फैक्ट्री और कथित राजनीतिक कनेक्शन को लेकर राज्य की राजनीति में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।














