
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। भाजपा ने उनके बयान पर आपत्ति जताई थी, लेकिन अब पृथ्वीराज चव्हाण ने साफ कर दिया है कि वे अपने शब्दों से पीछे नहीं हटेंगे।
पृथ्वीराज चव्हाण का कहना है कि माफी मांगना उनके लिए विचाराधीन नहीं है। जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "मैं बाद में आराम से बात करूंगा, अभी नहीं। माफी मांगने का बिल्कुल सवाल ही नहीं उठता। माफी काहे मांगूं?"
पृथ्वीराज चव्हाण का विवादित बयान
दरअसल, पुणे जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि पाकिस्तान के साथ ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन ही भारत की हार हो गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की सेना ने पहले ही दिन भारतीय वायुसेना के विमानों को निशाना बनाया। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। बावजूद इसके, पृथ्वीराज चव्हाण का कहना है कि उन्होंने कोई गलत बयान नहीं दिया है और इसलिए माफी मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का न प्रधानमंत्री ने जवाब दिया और न ही अन्य भाजपा नेताओं ने। उन्होंने कहा, "कुछ तो गड़बड़ है, लेकिन सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।" इस बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस नेताओं ने अपने सहयोगी नेता का समर्थन करते हुए स्थिति को राजनीतिक दृष्टि से देखा है।
भाजपा ने जताई आपत्ति
भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी पर तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "ऐसे बयान हमारे सशस्त्र बलों का अपमान हैं। ऐसे वक्तव्य सेना के मनोबल को चोट पहुंचाते हैं। ऑपरेशन सिंदूर का असर पूरी दुनिया ने देखा और सभी जानते हैं कि पाकिस्तान से कैसे निपटा गया। कांग्रेस नेताओं को विवेकपूर्ण होना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेताओं की निराशा और हार की भावना बढ़ रही है और कुछ लोग पाकिस्तान के पक्ष में भी बोलने लगे हैं।
पृथ्वीराज चव्हाण का रुख साफ है: वे अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और अपनी बात पर अडिग हैं। राजनीतिक और मीडिया जगत में इस मामले को लेकर बहस अभी भी जारी है।














