
डिंपल यादव को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद देश की राजनीति में उबाल आ गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव पर मौलाना साजिद रशीदी द्वारा एक टीवी डिबेट में की गई टिप्पणी को लेकर बवाल मच गया है। साजिद रशीदी, जो ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रमुख हैं, ने डिंपल यादव के पहनावे को लेकर सार्वजनिक रूप से ऐसा बयान दिया जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
इस बयान से खासे नाराज नजर आए महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी विधायक अबू आसिम आजमी। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया और साजिद रशीदी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे बयान न केवल आपत्तिजनक हैं, बल्कि मुस्लिम समुदाय की साख को नुकसान पहुंचाते हैं।
अबू आजमी का तीखा प्रहार – 'टीवी पर आकर दलाली करते हैं'
अबू आजमी ने कहा, “साजिद रशीदी जैसे लोग कुछ पैसों के लालच में टीवी स्टूडियो पहुंच जाते हैं और मुस्लिम समाज के नाम पर बयानबाज़ी करते हैं। असलियत यह है कि वे बीजेपी के करीबी हैं और चुनावों में उनके लिए समर्थन मांगते रहे हैं। अब वे डिंपल यादव जैसी प्रतिष्ठित महिला के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
उन्होंने सवाल किया कि, “आपको किसी सांसद, किसी शालीन महिला के पहनावे पर बोलने की आखिर हिम्मत कैसे हुई? डिंपल यादव मुलायम सिंह यादव की बहू और देश की संसद की सदस्य हैं। उन्होंने जो साड़ी पहनी थी, वही मस्जिद में भी पहनी। साड़ी भारत में सम्मान का प्रतीक है।”
चंद सिक्कों के लिए टीवी पर बैठने वाले भाजपा के साजिद रशीदी के नाम के आगे से 'मौलाना' हटा देना चाहिए।#DimpleYadav #AkhileshYadav #SamajwadiParty #SajidRashidi #AbuAsimAzmi pic.twitter.com/D8hfPKq5VJ
— Abu Asim Azmi (@abuasimazmi) July 29, 2025
अपने तीखे बयान में अबू आजमी यहीं नहीं रुके। उन्होंने साजिद रशीदी की धार्मिक उपाधि पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपको अपने आप पर शर्म आनी चाहिए। आप जैसे लोग 'मौलाना' शब्द को बदनाम करते हैं। आपको शोहरत और मंच चाहिए, आप खुद को मजहब का ठेकेदार बताकर टीवी पर दलाली करते हैं। आपने सिर्फ मुस्लिम समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाया है।”
आजमी ने कहा कि ऐसे तत्व जानबूझकर ऐसे बयान देकर समाजवादी पार्टी और मुसलमानों के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता इतनी भोली नहीं है।
'डिंपल यादव ने कुछ भी गलत नहीं किया'
अबू आजमी ने डिंपल यादव का बचाव करते हुए यह भी कहा कि, “वो मस्जिद में कोई राजनीतिक भाषण देने नहीं गई थीं। मस्जिद में मौजूद इमाम साहब के आग्रह पर उन्होंने कुछ वक्त वहां बिताया। उस समय वो जिस परिधान में थीं, उसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं थी। साजिद रशीदी इस मुद्दे पर सिर्फ इसलिए नाराज हैं क्योंकि उन्हें वहां आमंत्रित नहीं किया गया था।”
आजमी ने यह भी जोड़ दिया कि, “हमारी मस्जिदें सिर्फ नमाज पढ़ने की जगह ही नहीं, बल्कि सामाजिक चर्चा के केंद्र भी हैं। यदि वहां सकारात्मक संवाद होता है, तो उसे गलत ठहराना नासमझी है।”
क्या कहा था साजिद रशीदी ने?
टीवी डिबेट में साजिद रशीदी ने एक फोटो का हवाला देते हुए डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “मैं तस्वीर दिखा सकता हूं जिसे देख लोग शर्मिंदा हो जाएंगे। एक महिला मुस्लिम पहनावे में थी और सिर ढका हुआ था, जबकि डिंपल यादव की तस्वीर उनकी पीठ से ली गई थी, जिसमें वो खुली बैठी थीं।” उनके इस बयान को महिला विरोधी और सांप्रदायिक करार देते हुए हर ओर से आलोचना झेलनी पड़ी।














