
महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को बड़ा दावा किया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चाहती है कि विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस को भी शामिल किया जाए। हालांकि, राउत के इस बयान पर मनसे नेता संदीप देशपांडे ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि पार्टी अपना रुख स्वयं तय करेगी और कोई अन्य इसके लिए बयानबाजी नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में केवल मनसे ही अपने दृष्टिकोण को सार्वजनिक करेगी।
निकट भविष्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनज़र शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच गठबंधन की संभावनाओं को लेकर पिछले दो महीनों से चर्चा चल रही है। इसी कड़ी में उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसद संजय राउत ने यह दावा किया कि राज ठाकरे चाहते हैं कि कांग्रेस, जो महाविकास आघाड़ी का हिस्सा है, को इस गठबंधन में शामिल किया जाए।
एक संवाददाता सम्मेलन में राउत ने कहा, "राज ठाकरे भी यह चाहते हैं कि कांग्रेस को भी गठबंधन का हिस्सा बनाया जाए। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि इस पर कोई अंतिम निर्णय हो चुका है।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल से कुछ मुद्दों पर चर्चा की है और जल्द ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी बातचीत करेंगे। राउत ने कहा कि उनके पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बात करेंगे।
सांसद ने यह भी कहा कि राज्य की राजनीति में सभी दलों की अपनी जगह है। "जिस तरह शिवसेना (यूबीटी) की राजनीतिक पहचान है, उसी तरह मनसे (एमएनएस), शरद पवार की राकांपा और वामपंथी दलों की भी है। हमारा रुख स्पष्ट है कि कांग्रेस को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना चाहिए और राज ठाकरे भी इसी राय में हैं।"
राउत के बयान के बीच विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल की चर्चा भी जोरों पर है। यह प्रतिनिधिमंडल राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और शरद पवार शामिल हैं और मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात करेंगे। इसके बावजूद मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि चुनाव आयोग से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल का महाविकास आघाड़ी से कोई संबंध नहीं है और पार्टी अपना रुख स्वतंत्र रूप से तय करेगी।
जानकारों का मानना है कि ठाकरे परिवार के दो प्रमुख गुट पिछले कुछ महीनों में छह बार मिल चुके हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब वे फिर से साथ आने की दिशा में कदम बढ़ाने को तैयार दिख रहे हैं। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने अभी तक नगर निगम चुनावों के लिए किसी प्रकार का गठबंधन घोषित नहीं किया है। महाविकास आघाड़ी के अन्य घटक दल कांग्रेस और राकांपा ने भी अपने रुख को स्पष्ट नहीं किया है।














