नई दिल्ली। महाराष्ट्र में एक बार फिर भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। 28 जून को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET) से पहले ही प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का फैसला लिया है। अब परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस परीक्षा में करीब चार लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी।
प्रश्नपत्र लीक की खबर सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इससे पहले भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते परीक्षाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
ठाणे के भिवंडी से सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्र लीक का मामला ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र से सामने आया है। 27 जून की तड़के करीब चार बजे गुप्त सूचना मिलने पर भिवंडी पुलिस ने संबंधित इलाके में छापेमारी की। सूचना थी कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र के साथ छेड़छाड़ या अवैध गतिविधि की जा रही है।
राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर मिले दस्तावेजों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में बरामद प्रश्नपत्र परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भिवंडी पुलिस थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। फिलहाल इस मामले में कम से कम तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा के बावजूद नहीं रुकी पेपर लीक की घटना
बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई NEET 2026 परीक्षा से जुड़े विवादों को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई थी।
इसके बावजूद परीक्षा से ठीक एक दिन पहले प्रश्नपत्र लीक होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के सामने अब परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
चार लाख से अधिक अभ्यर्थियों पर पड़ा असर
इस परीक्षा के लिए राज्यभर से लगभग 4 लाख 28 हजार उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा का आयोजन महाराष्ट्र के 1,428 परीक्षा केंद्रों पर 28 जून को होना था।
पंजीकृत अभ्यर्थियों में करीब 2,26,263 ऐसे शिक्षक शामिल थे, जो पहले से सेवाओं में कार्यरत हैं और अनिवार्य टीईटी योग्यता प्राप्त करने के उद्देश्य से परीक्षा देने वाले थे। वहीं बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भी थे, जो भविष्य में शिक्षक बनने के लिए पहली बार इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे।
परीक्षा स्थगित होने से लाखों उम्मीदवारों की तैयारी और आगे की योजनाओं पर सीधा असर पड़ा है।
पहले भी हो चुका है टीईटी पेपर लीक
यह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा विवादों में आई हो। इससे पहले वर्ष 2025 में भी टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया था। उस समय कोल्हापुर से पेपर लीक की घटना उजागर हुई थी, जिसके बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
लगातार दूसरी बार इस तरह की घटना सामने आने से परीक्षा आयोजन की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।
नई तारीख जल्द होगी घोषित
राज्य के शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने पेपर लीक की पुष्टि करते हुए कहा कि भिवंडी में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के हित और परीक्षा की निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 28 जून की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि नई परीक्षा पूरी पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जाएगी। राज्य परीक्षा परिषद जल्द ही नई परीक्षा तिथि की घोषणा करेगी ताकि सभी अभ्यर्थियों को पर्याप्त समय मिल सके।













