
भारतीय शेयर बाजार ने आज मंगलवार को धीमी लेकिन स्थिर शुरुआत के साथ कारोबारी सप्ताह का दूसरा दिन शुरू किया। सुबह के शुरुआती सत्र में बाजार में उतार-चढ़ाव तो देखने को मिला, लेकिन संवेदी सूचकांकों ने सकारात्मक रुख दिखाया। सेंसेक्स ने लगभग 184 अंकों की बढ़त के साथ 81,974.09 का स्तर छू लिया, जबकि निफ्टी ने 62 अंक चढ़कर 25,139.70 का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनता दिखाई दिया।
बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो बैंक निफ्टी में भी मामूली बढ़त देखने को मिली। यह सूचकांक 21.55 अंक चढ़कर 56,126.40 पर पहुंचा। हालांकि यह बढ़त बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिला कि बाजार में अभी घबराहट जैसी कोई स्थिति नहीं है और निवेशक सतर्कता के साथ सौदे कर रहे हैं।
शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 पर इस समय सबसे ज्यादा लाभ पाने वालों में कोल इंडिया, पावर ग्रिड कॉर्प, विप्रो, बजाज फाइनेंस और ओएनजीसी थे। दूसरी ओर, निफ्टी 50 पैक में प्रमुख पिछड़ने वालों में ट्रेंट, मैक्स हेल्थकेयर, एक्सिस बैंक, टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) शामिल हैं।
शुरुआती कारोबार में प्रमुख मूवर्स रहे शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड कॉर्प, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो शामिल थे, जो सुबह के कारोबार में प्रमुख मूवर्स थे।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर लाभ में रहे। हालांकि ट्रेंट, एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इन्फोसिस के शेयर नुकसान में रहे।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 फायदे में रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार छुट्टियों के कारण बंद हैं।
अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 65.67 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 313.77 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,036.39 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इस समय निवेशकों की नजरें वैश्विक बाजारों की चाल, अमेरिका और एशियाई शेयर बाजारों से मिले संकेत, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और देश के ताजा आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। यह भी देखा जा रहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार में किस तरह की गतिविधि कर रहे हैं।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक किसी बड़े आर्थिक या वैश्विक संकेत की घोषणा नहीं होती, तब तक बाजार इसी तरह सीमित दायरे में कारोबार करता रहेगा। छोटे और मझोले निवेशकों को फिलहाल सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार में बड़ी तेजी या गिरावट की संभावना फिलहाल कम है।














