
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मंदी के संकेतों के साथ कारोबार समाप्त किया, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 166 अंक गिरकर 80,543 पर आ गया जबकि निफ्टी 75 अंकों की गिरावट के साथ 24,574 के स्तर पर बंद हुआ। यह गिरावट ऐसे समय पर देखने को मिली जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और इसे 6.5 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा जाएगा।
बाजार की गिरावट का असर खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर अधिक देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 457 अंक टूटकर 56,749 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 17,662 पर बंद हुआ।
सेक्टोरल फ्रंट पर भी नकारात्मक माहौल रहा। ऑटो, आईटी, फार्मा, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, एनर्जी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर से जुड़े इंडेक्स में गिरावट आई, जबकि सिर्फ पीएसयू बैंक इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हो सका।
शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो सेंसेक्स में एशियन पेंट्स, बीईएल, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, एसबीआई, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति सुजुकी जैसे शेयरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, जोमैटो, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, टाटा स्टील और आईटीसी जैसे दिग्गज शेयर नुकसान में रहे।
मार्केट विश्लेषक रूपक दे का मानना है कि निफ्टी पूरे दिन दबाव में रहा और 50-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार करता रहा। उन्होंने यह भी कहा कि निफ्टी जब तक 24,850 के नीचे रहेगा, बाजार "तेजी में बिकवाली" के दौर में बना रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यदि निफ्टी 24,400 के स्तर को तोड़ता है तो आने वाले दिनों में और बड़ी गिरावट संभव है।
सुबह की शुरुआत भी शेयर बाजार के लिए उत्साहजनक नहीं रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स महज 21 अंकों की कमजोरी के साथ 80,688 पर और निफ्टी 28 अंकों की गिरावट के साथ 24,621 पर खुला। इसके बाद दिनभर बाजार में सुस्ती बनी रही और अंततः बाजार कमजोर होकर बंद हुआ।
बाजार की मौजूदा चाल और आरबीआई के फैसले को देखते हुए निवेशकों को अलर्ट रहने की जरूरत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां गिरावट की संभावना अधिक बनी हुई है।














