
राज ठाकरे के हालिया विवादित बयान 'मारो लेकिन वीडियो मत बनाओ' पर राजनीतिक हलकों में उबाल आ गया है। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका गुस्सा साफ झलक रहा था, जब उन्होंने कहा कि राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) बीएमसी चुनाव में सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। भावनाओं में बहते हुए दुबे बोले – "अगर हिम्मत है, तो बिहार, उत्तर प्रदेश या तमिलनाडु आकर दिखाओ, वहां तुम्हें पटक-पटककर जवाब मिलेगा।"
'तुम कौन सा टैक्स लाते हो, क्या योगदान है तुम्हारा?'
एएनआई से बातचीत के दौरान निशिकांत दुबे ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा, "आप कह रहे हैं कि मराठी बोलना होगा। लेकिन आप किसकी रोटी खा रहे हो? महाराष्ट्र में टाटा, बिरला, रिलायंस जैसे उद्योग हैं – लेकिन वो सभी हमारे राज्यों की वजह से संभव हैं। अगर बिहार-झारखंड की मेहनत न होती, तो महाराष्ट्र में इन कंपनियों की जड़ें नहीं जमतीं। आप कौन सा टैक्स देते हो? आपके पास कौन सी खदानें हैं? माइंस हमारे हैं, संसाधन हमारे हैं और उस पर पलकर आप हमें ही नीचा दिखा रहे हो?"
'आपकी हरकतें सिर्फ घटियापन दिखाती हैं'
बीजेपी सांसद ने आगे गहरी निराशा जताते हुए कहा, "अगर हिम्मत है, तो तमिल, तेलगू या उर्दू भाषियों को भी मारकर दिखाओ। सिर्फ हिंदी भाषियों को टारगेट करना कायरता है। आप लाटशाही कर रहे हो, लेकिन अब ये नहीं चलेगा। ये देश सबका है। आप इस तरह की घटिया हरकतें कर रहे हो, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।"
#WATCH | Guwahati, Assam | On Raj Thackeray's remark 'beat but don't make a video', BJP MP Nishikant Dubey says, "...You people are surviving on our money. What kind of industries do you have?... If you are courageous enough and beat those who speak Hindi, then you should beat… pic.twitter.com/gRvAjtD0iW
— ANI (@ANI) July 7, 2025
'चलो बिहार-यूपी, असली हकीकत पता चल जाएगी'
दुबे ने खुली चुनौती देते हुए कहा, "अगर बहुत बड़े बॉस हो तो चलो बिहार, चलो यूपी, चलो तमिलनाडु। वहां जनता तुम्हें पटक-पटककर जवाब देगी। महाराष्ट्र में अपने घर में शेर बनने से कुछ नहीं होता, दम है तो मैदान में आओ।"
'मराठी गौरव का हम करते हैं सम्मान'
गुस्से के बीच दुबे ने साफ किया कि उनका मराठी भाषा या संस्कृति से कोई विरोध नहीं है। उन्होंने कहा, "हम मराठी संस्कृति और योद्धाओं का सम्मान करते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज, तात्या टोपे, बाल गंगाधर तिलक – ये सब हमारे लिए प्रेरणा हैं। लेकिन उनकी आड़ में आज की राजनीति करना मराठी अस्मिता का अपमान है।"
'माहिम दरगाह जाकर दिखाओ ताकत'
बीजेपी सांसद ने कहा, "अगर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे में सच में हिम्मत है, तो माहिम दरगाह के सामने किसी हिंदी या उर्दू भाषी को पीटकर दिखाएं। तब हम मानेंगे कि वो बाला साहेब ठाकरे के असली वारिस हैं। वरना ये सिर्फ बीएमसी चुनाव में पब्लिसिटी पाने की सस्ती कोशिश है।"














