
जौनपुर। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल पांच लोगों की जान चली गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की रहने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी शामिल थीं। हादसे में अजित पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी एचसी विदिप जाधव, विमान के दो पायलट—सुमित कपूर और शांभवी पाठक—और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद सभी शव जली हुई अवस्था में बरामद किए गए।
पिंकी माली जौनपुर जिले की केराकत तहसील के भैंसा गांव की निवासी थीं। उन्होंने बीते छह वर्षों से फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। यह हादसा उस लियर जेट-45 विमान में हुआ, जिसे VRS वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा था। यह एक अत्याधुनिक प्रीमियम बिजनेस जेट है, जिसकी अधिकतम गति करीब 870 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है और यह लगभग 3700 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह विमान महाराष्ट्र से उड़ान भरने के बाद बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अजित पवार बारामती में पंचायत चुनाव को लेकर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि रनवे पर उतरने से ठीक पहले खराब दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के कारण विमान संतुलन खो बैठा और हादसे का शिकार हो गया।
पिंकी माली के परिवार की बात करें तो वह जौनपुर के केराकत क्षेत्र के भैंसा गांव से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता शिवकुमार माली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेता बताए जा रहे हैं। परिवार लंबे समय से मुंबई में निवास कर रहा था, हालांकि जौनपुर में भी उनके कुछ रिश्तेदार रहते हैं और समय-समय पर उनका गांव आना-जाना होता था। पिंकी माली की शादी हो चुकी थी और परिवार के अधिकांश सदस्य मुंबई में ही रहते हैं। उनके पिता चार भाइयों में से एक हैं।
जैसे ही विमान हादसे में पिंकी माली के निधन की खबर जौनपुर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों और शुभचिंतकों की भीड़ उनके घर पहुंचने लगी, जो परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
इस विमान दुर्घटना ने न केवल महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा आघात पहुंचाया है, बल्कि इससे जुड़े सभी परिवारों को अपूरणीय क्षति भी दी है। पिंकी माली के निधन से उनके परिवार और समुदाय में गहरा दुख व्याप्त है। उनके सहकर्मी उन्हें एक जिम्मेदार, समर्पित और मेहनती फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में याद कर रहे हैं।
यह त्रासदी एक बार फिर इस सच्चाई को सामने लाती है कि विमानन क्षेत्र में कार्यरत पेशेवर किस तरह हर दिन जोखिम भरी परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। पिंकी माली की असमय मृत्यु ने न सिर्फ जौनपुर बल्कि पूरे देश को गमगीन कर दिया है।













