
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में पूरी तरह विलीन हो जाएगी। उन्होंने यह बयान शिवसेना के दिवंगत नेता आनंद दिघे को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला।
राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिंदे की पार्टी अब बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से भटक चुकी है और भाजपा में विलय की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "हमने कभी बालासाहेब ठाकरे के साथ किसी और की तस्वीर नहीं लगाई, लेकिन आज ये लोग दिघे साहब की तस्वीरें नरेंद्र मोदी और अमित शाह से भी बड़ी नहीं लगाते।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि शिंदे की पार्टी अब पूरी तरह से भाजपा में समा जाएगी। मैं जो कहता हूं, वह देर-सवेर सच साबित होता है, क्योंकि मैं बालासाहेब का सच्चा अनुयायी हूं।"
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राउत ने आनंद दिघे पर बयान दिया, जिसके जवाब में शिवसेना विधायक राजेश मोरे ने उन्हें 'घर में घुसकर मारने' जैसी धमकी दे डाली। इस पर राउत ने करारा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें ‘जय महाराष्ट्र’ की ताकत पर पूरा भरोसा है और वे बिना किसी सुरक्षा के ठाणे जाते हैं। राउत ने चुनौती देते हुए कहा, "मैं देखूंगा कौन मुझे रोकता है।"
संजय राउत ने कहा कि आनंद दिघे वास्तव में एक महान नेता थे, जिनकी बालासाहेब ठाकरे भी हमेशा प्रशंसा करते थे, लेकिन आज जो लोग उन्हें लेकर फिल्में बना रहे हैं, वे वास्तव में दिघे को समझते ही नहीं हैं। उन्होंने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा, "सिर्फ इसलिए कि आपने उन पर फिल्म बना ली, इसका मतलब यह नहीं कि आप उन्हें जानते हैं। आपकी फिल्म का 90% हिस्सा झूठा और बनावटी है।"
राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने महाराष्ट्र की मौजूदा महायुति सरकार को भी आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि "महायुति के 90 प्रतिशत विधायक वोटों की चोरी से चुने गए हैं।" उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल को भाजपा में शामिल न होने की सजा दी जा रही है और उनकी आलोचना ओछे तरीके से की जा रही है। साथ ही, गोपीचंद पडलकर द्वारा जयंत पाटिल के पिता के बारे में दिए गए बयान की भी निंदा की और देवेंद्र फडणवीस से अपनी टीम को शिष्टाचार सिखाने की बात कही।
राउत ने प्रताप सरनाइक को लेकर भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के लिए उन्होंने शिवसेना से गद्दारी की और जब ईडी ने छापा मारा तो वे भाग गए। राउत ने दो टूक कहा कि सरनाइक को राजन विचारे जैसे वफादार शिवसैनिकों के बारे में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
अंत में राउत ने मुंबई के विकास योजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का असली मकसद मुंबई को लूटना है। उन्होंने कहा, "अगर विकास की मंशा थी तो मुंबई से अन्य शहरों की तरफ बुलेट ट्रेन क्यों नहीं चलाई जा रही है? यह परियोजना मुंबई को निगलने के लिए शुरू की गई है।"
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले समय में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। अगर संजय राउत का दावा सही साबित होता है, तो यह न सिर्फ शिवसेना की संरचना को बदल देगा, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों को भी पूरी तरह से प्रभावित करेगा।














