
शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले, जिसका प्रमुख कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के साथ एक "बड़ी ट्रेड डील" की संभावना जताना रहा। ट्रंप के इस बयान के बाद निवेशकों में सकारात्मकता देखने को मिली और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
सुबह 9:15 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 150.40 अंकों की बढ़त के साथ 83,906.27 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 54.50 अंक चढ़कर 25,603 के स्तर पर पहुंच गया।
व्हाइट हाउस से 'बिग डील' का दावा, बंद कमरे में हुई वार्ताएं
व्हाइट हाउस में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ एक "बहुत बड़ा समझौता" होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, इस बयान से कुछ हफ्ते पहले दोनों देशों के वार्ताकारों के बीच चार दिवसीय बंद कमरे की वार्ता हुई थी, जो संभावित व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देती है।
सकारात्मक संकेतों से बाजार को मिली मजबूती
विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिकी टैरिफ डेडलाइन (9 जुलाई) को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार को उम्मीद है कि इस समयसीमा को बढ़ाया जा सकता है, जिससे व्यापारिक संबंधों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि मुद्रास्फीति, वैश्विक संघर्ष और टैरिफ खतरे जैसी चिंताओं के बावजूद बाजार में बुलिश रुख कायम है।
सेंसेक्स और निफ्टी में मुख्य कंपनियों का प्रदर्शन
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में कुछ कंपनियों ने उल्लेखनीय तेजी दिखाई। सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, टाटा स्टील, एसबीआई, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी और एचसीएल टेक जैसे शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग और मिडकैप- स्मॉलकैप सेगमेंट का हाल
हालांकि निफ्टी बैंक इंडेक्स में थोड़ी कमजोरी देखी गई और यह 80.25 अंक टूटकर 57,126.45 पर पहुंच गया। इसके उलट, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में अच्छी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 278.25 अंकों की बढ़त के साथ 59,505.65, और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 114.70 अंकों की मजबूती के साथ 18,920.30 पर कारोबार कर रहा था।
तकनीकी संकेत: आगे कहां जा सकता है बाजार
एक्सिस सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख अक्षय चिंचलकर ने कहा कि दो दिन पहले से बाजार में "इनसाइड डे पैटर्न" बन रहा था, जो किसी बड़े मूवमेंट का संकेत दे रहा था। उन्होंने बताया कि गुरुवार को निफ्टी में ट्रेंडिंग मूव देखा गया, जिसमें गिरने वाले एक स्टॉक के मुकाबले पांच स्टॉक्स में बढ़त दर्ज हुई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगला रेजिस्टेंस 25,700 से 25,800 के बीच हो सकता है, जबकि 25,000 का स्तर मजबूत समर्थन बना रहेगा।
विदेशी निवेशक सक्रिय, घरेलू निवेशकों ने मुनाफा वसूला
26 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार में 12,594.38 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को मजबूती मिली। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 195.23 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे स्पष्ट होता है कि घरेलू निवेशक थोड़ा सतर्क हैं।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
जहां भारत में बाजार तेजी के साथ खुले, वहीं एशियाई बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन रहा। चीन, बैंकॉक, सोल और हांगकांग के शेयर बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में रहा।
अमेरिकी बाजारों में भी रही रौनक
पिछले कारोबारी दिन अमेरिका में डाउ जोंस 404.41 अंकों की तेजी के साथ 43,386.84, एसएंडपी 500 48.86 अंकों की बढ़त के साथ 6,141.02, और नैस्डैक 194.36 अंक चढ़कर 20,167.91 पर बंद हुआ।
डोनाल्ड ट्रंप के भारत के साथ व्यापार समझौते के संकेत और विदेशी निवेशकों की सक्रियता ने भारतीय शेयर बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम सकारात्मक बने रहे और टैरिफ को लेकर कोई नया झटका न आए, तो निफ्टी और सेंसेक्स दोनों नए उच्चतम स्तर छू सकते हैं।














