
मुंबई एक बार फिर बम धमाके की धमकी से दहशत में आ गया। रविवार को शहर के नायर अस्पताल के डीन को एक ईमेल मिला, जिसमें अस्पताल परिसर को उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इस सूचना के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) की टीमों के साथ अस्पताल में कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इस धमकी को झूठा करार दिया गया।
अस्पताल के डीन को देर रात आया ईमेल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे नायर अस्पताल के डीन के पास धमकी भरा ईमेल आया। मेल में स्पष्ट तौर पर अस्पताल परिसर को बम से उड़ाने की बात लिखी थी। मेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। पुलिस और BDDS टीमों ने अस्पताल के हर हिस्से में गहन जांच की। रातभर तलाशी अभियान चला, लेकिन अंततः कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
मुंबई में लगातार मिल रही हैं झूठी धमकियां
यह घटना तब हुई है जब महज दो दिन पहले ही मुंबई में एक फोन कॉल के जरिए दावा किया गया था कि 34 “ह्यूमन बम” 400 किलो आरडीएक्स के साथ अलग-अलग वाहनों में लगाए गए हैं। उस समय कॉल करने वाले ने खुद को लश्कर-ए-जिहादी संगठन का सदस्य बताया था। उस मामले में भी पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और अंततः वह धमकी झूठी साबित हुई।
पिछले कुछ महीनों से मुंबई लगातार इस तरह की झूठी धमकियों का सामना कर रहा है। अगस्त में गिरगांव स्थित इस्कॉन मंदिर को ईमेल से धमकी मिली थी, जो फर्जी निकली। जुलाई में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 को उड़ाने की धमकी दी गई थी। वहीं, पिछले हफ्ते ठाणे के कलवा रेलवे स्टेशन को उड़ाने की धमकी देने वाले 43 वर्षीय व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।
सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता
गणेश विसर्जन के अवसर पर मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। केवल मुंबई में ही 21,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। नायर अस्पताल में मिली धमकी के बाद पुलिस की सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मुंबई पुलिस ने नायर अस्पताल से जुड़ी धमकी पर औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भले ही हाल की ज्यादातर धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस लगातार मिल रही फर्जी धमकियों से मुंबई पुलिस की चुनौती और बढ़ गई है। जहां एक ओर इनसे जनता में डर का माहौल बनता है, वहीं सुरक्षा एजेंसियों का समय और संसाधन भी खर्च होते हैं। पुलिस अब इन घटनाओं के पीछे की मंशा और पैटर्न पर गहराई से जांच कर रही है।














