
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मुरलीधर मोहोल ने महायुति में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और उसके नेतृत्वकर्ता अजित पवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहोल ने कहा कि राकांपा ने चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, जिससे पार्टी के कानून-व्यवस्था पर दिए गए वादे खुद विवादास्पद हो गए हैं।
मोहोल ने आगे कहा कि उपमुख्यमंत्री और पुणे के प्रभारी मंत्री अजित पवार लगातार अपराध और “कोयता गैंग” जैसी अवैध गतिविधियों को समाप्त करने का दावा करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी के टिकट वितरण के फैसले इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवारों की सूची अपने आप में पार्टी की सोच और प्राथमिकताओं की सच्चाई बयान कर रही है।
आरपीआई उम्मीदवारों को मिला टिकट, विवाद बढ़ा
राकांपा ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ महानगरपालिका चुनावों के लिए अपनी सहयोगी पार्टी आरपीआई (सचिन खरात गुट) के कुछ उम्मीदवारों को टिकट प्रदान किया है। इनमें कुख्यात गिरोह सरगना सूर्यकांत उर्फ़ बंदू आंडेकर की बहू सोनाली आंडेकर और उनकी रिश्तेदार लक्ष्मी आंडेकर शामिल हैं। दोनों आरोपी आयुष कोमकर की हत्या के मामले में जेल में हैं। इस चुनाव की तारीख 15 जनवरी निर्धारित है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी
मोहोल ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है, और ऐसे मामलों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट देना गलत संदेश देता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह किसी भी तरह से पार्टी की प्रतिष्ठा और जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, मोहोल ने बीजेपी के फैसले का बचाव किया, जिसमें हिस्ट्रीशीटर रोहिदास चोरगे की पत्नी प्रतिभा चोरगे को टिकट दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा चोरगे का किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। मोहोल ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों मामलों की तुलना नहीं की जा सकती और यदि कोई विवाद उत्पन्न होता है तो पार्टी उस पर विचार करेगी।














