
मध्य प्रदेश के धार जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जहां रिश्तों की सारी हदें पार करते हुए एक शख्स ने अपने कर्ज से उबरने के लिए अपनी ही पत्नी को दोस्त के हाथ बेच डाला। यह दर्दनाक घटना केवल एक सौदा नहीं, बल्कि एक महिला की अस्मिता को कुचलने की कहानी है, जिसने पीड़िता को अंदर तक तोड़ दिया। पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई। उसकी आपबीती सुनकर खुद पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पति धार जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर कानवन थाना क्षेत्र का निवासी है, जबकि उसकी पत्नी इंदौर में रहती थी। बताया जा रहा है कि पति को जुए की बुरी लत थी, और वह 50 हजार रुपये के कर्ज तले दबा हुआ था। कर्ज चुकाने की जगह उसने वो रास्ता चुना, जिसकी कल्पना भी रूह कंपा देती है — उसने अपनी पत्नी को दोस्त को सौंप दिया, जिसने बाद में महिला के साथ दुष्कर्म किया।
कानवन थाना प्रभारी अभय नीमा ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर कहा है, "मेरा पति जुआरी है, जिसकी वजह से हमारे जीवन में कभी चैन नहीं रहा। जब उस पर कर्ज का बोझ बढ़ा, तो उसने मेरी बोली लगा दी।"
एक पत्नी, एक महिला, एक इंसान होने के नाते, उसने जब यह घिनौना सच बयां किया, तो पुलिस भी हैरान रह गई। थाना प्रभारी ने आगे बताया कि महिला ने आरोप लगाया कि कर्ज देने वाले दोस्त के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर किया गया। दोनों आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस की टीमें उन्हें पकड़ने के लिए जुटी हुई हैं।
धार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) गीतेश कुमार गर्ग ने पुष्टि की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा, "हम पीड़िता के बयान को इंदौर में दर्ज कराएंगे और हर पहलू से मामले की तह तक जाएंगे।"
यह घटना न केवल समाज में स्त्री की स्थिति पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि एक इंसान कर्ज के बोझ में कितना गिर सकता है कि रिश्तों की ही कीमत लगा दे।














