
मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए जुलाई का महीना एक खुशखबरी लेकर आया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बेहद भावुक और खास ऐलान करते हुए बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत इस महीने की राशि 12 जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। लेकिन इस बार यह सिर्फ एक नियमित ट्रांसफर नहीं होगा, बल्कि एक त्योहार का तोहफा भी साथ लाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर सरकार ने सभी बहनों को राखी शगुन के रूप में अतिरिक्त ₹250 देने का फैसला किया है। यानी इस बार लाड़ली बहन योजना के तहत कुल ₹1500 रुपए की राशि दी जाएगी, जिससे बहनें अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर सकें और त्योहार को और भी खास बना सकें। उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 1.27 करोड़ बहनों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। यह जानकारी बुधवार को भोपाल में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान दी गई।
बिजली कंपनियों में 49,263 नए पदों की घोषणा
बैठक में सिर्फ महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर ही नहीं, बल्कि रोजगार के मोर्चे पर भी बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की तीन बिजली वितरण कंपनियों में 49,263 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, कृषि सिंचाई जलकर पर लगाए गए ब्याज और पेनल्टी को माफ करने का भी निर्णय लिया गया।
जेएनयू ने अपनाया 'कुलगुरु' शब्द, सीएम ने बताया प्रेरणा स्त्रोत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में यह भी साझा किया कि दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अब कुलपति को 'कुलगुरु' कहने का निर्णय लिया है, और इस बदलाव की प्रेरणा मध्य प्रदेश सरकार से मिली है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारतीय संस्कृति और गुरु परंपरा की भावना को सम्मान देने वाला है।
गुरु पूर्णिमा पर राज्यभर में आयोजन, भोपाल में सांदीपनि स्कूल का होगा लोकार्पण
डॉ. यादव ने बताया कि 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के मौके पर प्रदेश के सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस विशेष अवसर पर भोपाल के कमला नेहरू स्कूल परिसर में 'सांदीपनि विद्यालय' का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों, गुरुजनों, प्रबुद्ध नागरिकों और साधु-संतों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
BRTS हटने से भोपाल में हादसों में आई बड़ी कमी
बैठक में राजधानी भोपाल से जुड़ी एक रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 में बीआरटीएस (BRTS) हटाने के बाद सड़क हादसों में 51 प्रतिशत और दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने इस बदलाव को सकारात्मक और जनहित में उठाया गया कदम बताया।














