
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी के सेवन से कई लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस गंभीर घटना ने न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लगातार उठ रहे सवालों और जनता के आक्रोश के बीच नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी थीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल के निर्देश पर मुख्य सचिव ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए नगर निगम आयुक्त को बदल दिया है।
मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के तहत क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस पद पर तैनात दिलीप कुमार यादव को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया। दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए यह बदलाव किया गया है, ताकि हालात पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्ती दिखाते हुए नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटाने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की थी। गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान जाने की खबरों ने प्रशासन को झकझोर कर रख दिया था। इसी के चलते सरकार ने तत्काल एक्शन लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की।
स्थानीय लोगों का दावा: 15 लोगों की मौत
भागीरथपुरा इलाके के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दूषित पानी की वजह से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की और स्पष्ट शब्दों में कहा कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़ी
स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, डायरिया के मरीजों की संख्या सोमवार (29 दिसंबर) से बढ़ने लगी थी। पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (2 जनवरी) तक करीब 294 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि 93 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर समेत प्रदेश के 16 नगर निगमों के मेयर, अध्यक्ष और कमिश्नरों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में जल आपूर्ति, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।














