न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

अब ‘केरल’ नहीं ‘केरलम’ होगा राज्य का नाम, मोदी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जानें कैबिनेट फैसले, विधानसभा प्रस्ताव, गृह मंत्रालय की भूमिका और नाम परिवर्तन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Tue, 24 Feb 2026 4:24:54

अब ‘केरल’ नहीं ‘केरलम’ होगा राज्य का नाम, मोदी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य के नाम में बदलाव को हरी झंडी दे दी है। मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। उन्होंने कहा कि भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के समय से ही यह मांग उठती रही है कि राज्य का नाम उसकी स्थानीय भाषा के अनुरूप ‘केरलम’ किया जाए। अब कैबिनेट ने इस लंबे समय से लंबित मांग को स्वीकार कर लिया है।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। राजनीतिक दृष्टि से भी इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधेयक राज्य विधानसभा में जाएगा

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन से संबंधित विधेयक को आगे की प्रक्रिया के लिए राज्य विधानसभा को भेजा जाएगा। वहां इसे औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

यह फैसला नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान देश के 140 करोड़ नागरिकों के हित में निर्णय लेने का संकल्प भी दोहराया गया।

विधानसभा पहले ही पारित कर चुकी है प्रस्ताव

गौरतलब है कि केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ करने का आग्रह किया था। इससे पहले भी अगस्त 2023 में इसी तरह का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया था।

हालांकि, प्रारंभिक प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी संशोधन सुझाए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने आवश्यक बदलाव कर प्रस्ताव दोबारा पारित किया।

मुख्यमंत्री की पहल और भाषाई पहचान


राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे थे। उनका तर्क था कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम ‘केरल’ के बजाय ‘केरलम’ किया जाना चाहिए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति और मलयालम भाषा की पहचान के अनुरूप हो।

राजनीतिक समर्थन भी मिला

इस विषय पर राजनीतिक स्तर पर भी समर्थन देखने को मिला। राजीव चंद्रशेखर, जो भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष हैं, ने वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नाम परिवर्तन की मांग की थी। उनका कहना था कि ‘केरलम’ शब्द राज्य की सांस्कृतिक विरासत और मलयालम भाषाई अस्मिता से गहराई से जुड़ा है।

ऐतिहासिक मांग को मिली मंजूरी

भाषाई पुनर्गठन के बाद से ही यह भावना रही है कि राज्य का नाम उसकी मातृभाषा के अनुरूप होना चाहिए। अब केंद्र की स्वीकृति के बाद ‘केरल’ से ‘केरलम’ की ओर यह बदलाव औपचारिक प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंच गया है।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत