न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

केरल में ‘ब्रेन-ईटिंग अमीबा’ का आतंक, 19 लोगों की गई जान; समझें कितनी खतरनाक है यह बीमारी

केरल में ‘ब्रेन-ईटिंग अमीबा’ का खतरा बढ़ा, अब तक 19 लोगों की मौत। जानें क्या है यह दुर्लभ बीमारी, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Thu, 18 Sep 2025 8:33:47

केरल में ‘ब्रेन-ईटिंग अमीबा’ का आतंक, 19 लोगों की गई जान; समझें कितनी खतरनाक है यह बीमारी

केरल इस समय एक घातक संक्रमण से जूझ रहा है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक 19 लोग उस दुर्लभ बीमारी के शिकार हो चुके हैं, जिसे मेडिकल भाषा में अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हाल के हफ्तों में इस बीमारी से मौतों में तेजी आई है, जिसके चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

कौन-सी बीमारी कर रही है मौत का तांडव?


यह संक्रमण दरअसल नेग्लेरिया फाउलेरी नामक सूक्ष्मजीव से होता है। इसे आम बोलचाल में "ब्रेन-ईटिंग अमीबा" कहा जाता है। यह संक्रमण बेहद कम मामलों में सामने आता है, लेकिन एक बार अगर किसी को हो जाए, तो बचने की संभावना बहुत कम रहती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल केरल में इस बीमारी के 61 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। अनुमान लगाया जाता है कि तालाब या झील में नहाने वाले 26 लाख लोगों में से सिर्फ एक व्यक्ति को ही यह संक्रमण होता है।

सरकार ने शुरू किया सफाई अभियान

जुलाई से “ब्रेन फीवर” के केसों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसे देखते हुए राज्य के उत्तरी जिलों में कुओं और तालाबों की सफाई, साथ ही क्लोरीनीकरण अभियान शुरू किया गया है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा है कि यह एक गंभीर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी है। पहले जहां संक्रमण कुछ जिलों तक सीमित था, अब यह अलग-अलग इलाकों में बिखरे हुए मामलों के रूप में उभर रहा है।

हर उम्र के लोग हो रहे शिकार

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से प्रभावित मरीजों की उम्र का दायरा बेहद बड़ा है—तीन महीने के शिशु से लेकर 91 साल तक के बुज़ुर्ग तक इसमें शामिल हैं। मंत्री वीना जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि इस बार संक्रमण किसी एक जल स्रोत से नहीं जुड़ा है, बल्कि विभिन्न जगहों पर अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं, जिससे जांच और भी जटिल हो गई है।

संक्रमण शरीर में प्रवेश कैसे करता है?

सरकारी दस्तावेज़ बताते हैं कि यह बीमारी मुख्य रूप से सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। यह अमीबा नाक के रास्ते घुसकर मस्तिष्क तक पहुँचता है और धीरे-धीरे ब्रेन टिश्यू को नष्ट कर देता है। परिणामस्वरूप, गंभीर सूजन होती है और ज्यादातर मामलों में मरीज की मौत हो जाती है। गौर करने वाली बात यह है कि दूषित पानी पीने से यह रोग नहीं फैलता, बल्कि तैराकी, डाइविंग या स्नान के दौरान ही संक्रमण का खतरा होता है।

जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाया खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस अमीबा से संक्रमण की संभावना ग्लोबल वार्मिंग की वजह से और भी ज्यादा हो गई है। पानी का तापमान बढ़ने के कारण अब अधिक लोग नदियों, तालाबों और झीलों में नहाने के लिए जाते हैं, जिससे इस रोगाणु के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि यह बीमारी व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलती।

किन लक्षणों से पहचानें?

संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं—जैसे सिरदर्द, बुखार, मतली और उल्टी। लेकिन धीरे-धीरे यह मस्तिष्क को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और जानलेवा साबित होता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग लगातार जागरूकता फैलाने और समय पर इलाज की अपील कर रहा है।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत