
कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर जारी रस्साकशी के बीच शनिवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सुबह मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के आवास जाकर उनसे मुलाकात की और साथ में नाश्ता किया। कांग्रेस के भीतर बढ़ती खींचतान के बीच इस बैठक ने सियासत का तापमान और बढ़ा दिया है।
कर्नाटक में इन दिनों सत्ता संतुलन को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। डीके शिवकुमार के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज कर चुके हैं, जबकि सिद्दरमैया भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। इसी माहौल को शांत करने और पार्टी के भीतर चल रही तकरार को कम करने की कोशिश के तहत सिद्दरमैया ने शिवकुमार को अपने घर बातचीत के लिए बुलाया। उम्मीद है कि इस अनौपचारिक मुलाकात से दोनों नेताओं के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनने का रास्ता साफ होगा।
#WATCH | Karnataka Deputy CM DK Shivakumar meets Chief Minister Siddaramaiah at the latter's residence in Bengaluru
— ANI (@ANI) November 29, 2025
CM Siddaramaiah has invited him for breakfast today.
Legal advisor to CM AS Ponnanna is also present.
(Source: CMO) pic.twitter.com/TGJSxFTtSA
दिल्ली में हाईकमान के सामने रखेंगे अपनी बात
मुख्यमंत्री सिद्दरमैया से चर्चा के बाद डीके शिवकुमार अब दिल्ली रवाना होंगे, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है। इन मुलाकातों के दौरान दोनों गुट अपनी-अपनी बात हाईकमान के सामने रखेंगे और इसी आधार पर आगे का निर्णय तय होगा।
इससे पहले सिद्दरमैया ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि पार्टी नेतृत्व ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया है, इसलिए उन्होंने शिवकुमार को नाश्ते पर बुलाकर बातचीत की जमीन तैयार की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी निर्णय हाईकमान लेगा, वे उसे पूरी निष्ठा से स्वीकार करेंगे। दूसरी ओर, डीके शिवकुमार ने भी हाईकमान के निर्णय को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि वे पार्टी नेतृत्व की हर बात का सम्मान करेंगे।
हाईकमान ले सकता है जल्द बड़ा फैसला
सियासी समीक्षकों का मानना है कि दोनों नेताओं का एक सुर में पार्टी के आदेश को मानने की इच्छा जताना इस ओर इशारा करता है कि अब अंतिम फैसला हाईकमान के पाले में है। मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही किसी सर्वमान्य समाधान तक पहुंच सकता है। ऐसे में यह लगभग तय माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय दिल्ली में ही लिया जाएगा।
कर्नाटक कांग्रेस के भीतर जारी गतिरोध और फैसले की पेचीदगियों के बीच, आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि प्रदेश की सत्ता की कमान किसके हाथ में होगी—सिद्दरमैया के पास ही रहेगी या फिर डीके शिवकुमार को नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।














