
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम ज़िले में शुक्रवार को शुरू हुई मुठभेड़ रातभर चलती रही, जिसमें सुरक्षाबलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया। यह ऑपरेशन अभी भी सक्रिय रूप से जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अखल क्षेत्र के वन-क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।
तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे यह तलाशी अभियान मुठभेड़ में तब्दील हो गया। जवाबी कार्रवाई में सेना ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलाबारी की। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा घेरा और अधिक मजबूत कर दिया गया है और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है ताकि कोई भी आतंकी बचकर न निकल सके।
हाल ही में पुंछ में भी हुई थी घुसपैठ की कोशिश
इससे दो दिन पहले, 30 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में भी आतंकवादियों की घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम की गई थी। सेना ने इस दौरान भारी हथियारों से लैस दो आतंकियों को मार गिराया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मारे गए आतंकी पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे।
इस मुठभेड़ से पहले भी सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के जंगल क्षेत्र में तीन आतंकवादियों को मार गिराया था, जो कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में संलिप्त थे। सेना ने इस ऑपरेशन को ‘शिवशक्ति’ नाम दिया था और बताया कि यह पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों के लिए एक बड़ा झटका है। सेना का कहना है कि ऐसे आतंकी गुट जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए लगातार सक्रिय हैं।
ऑपरेशन 'शिवशक्ति' ने फिर से दिखाई ताकत
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, भारतीय सेना ने 30 जुलाई को तड़के पुंछ सेक्टर में 'ऑपरेशन शिवशक्ति' की शुरुआत की थी। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से मिली जानकारी के आधार पर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि इस क्षेत्र में आतंकियों की घुसपैठ की योजना है।
सटीक जानकारी के आधार पर, सुरक्षाबलों ने संभावित घुसपैठ वाले रास्तों पर पहले से घात लगाकर निगरानी शुरू कर दी थी। जैसे ही आतंकी नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश करने लगे, सुरक्षाबलों ने तत्काल कार्रवाई की और भारी मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर कर दिए। इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार और युद्ध-सामग्री भी बरामद की गई।














