
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार (15 जुलाई) को एक दर्दनाक हादसा हो गया जिसने कई परिवारों की खुशियों को पल भर में उजाड़ दिया। एक टेंपो वाहन के गहरी खाई में गिर जाने से 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पोंडा के पास डोडा-भर्थ रोड पर एक तीखे मोड़ पर हुआ, जहां चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा।
घायल मासूम को देख कांप उठा दिल
इस हादसे में घायल हुए लोगों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। इनमें से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। दर्दनाक बात यह है कि घायलों में पांच साल की मासूम उज्मा जान भी शामिल है, जिसे इलाज के लिए जम्मू रेफर किया गया है। उसकी हालत देख अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
जान गंवाने वालों की पहचान और मातम में डूबे घर
इस दिल दहला देने वाले हादसे में जिनकी मौत हुई, उनके नाम हैं—मोहम्मद अशरफ (35), मंगता वानी (51), अत्ता मोहम्मद (33), तालिब हुसैन (35) और रफीका बेगम (60)। जैसे ही यह खबर गांवों तक पहुंची, चारों ओर मातम पसर गया। किसी की मां चली गई, किसी का बेटा, किसी की दुनिया उजड़ गई।
“कुछ समझ नहीं आया… बस एक जोर की आवाज आई”
हादसे में घायल परवेज ने ANI को बताया कि टेंपो पूरी तरह भरा हुआ था। अचानक एक जोरदार आवाज हुई और फिर सबकुछ काला पड़ गया। "हम हादसे के बाद बेहोश हो गए थे। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया," परवेज की कांपती आवाज में उस पल की दहशत साफ झलक रही थी।
स्थानीय लोग बने फ़रिश्ते
जैसे ही वाहन खाई में गिरा, आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। बिना समय गंवाए लोगों ने घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। थोड़ी ही देर में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल भी वहां पहुंच गए और राहत-बचाव कार्य में जुट गए।
उप-राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री ने जताया शोक
इस हृदय विदारक हादसे पर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने डोडा के डिप्टी कमिश्नर से बात की और हालात की जानकारी ली। उन्होंने हरसंभव मदद देने का भरोसा भी दिलाया।














