
अमरनाथ यात्रा 2025 के तहत शुक्रवार सुबह जम्मू से एक और श्रद्धालु जत्था भारी सुरक्षा के बीच कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में कुल 6411 श्रद्धालु शामिल थे, जिन्हें दो सुरक्षाबलों के काफिलों में 291 वाहनों के माध्यम से भगवती नगर यात्रा निवास से रवाना किया गया। इनमें से 2789 यात्री बालटाल बेस कैंप और 3622 यात्री पारंपरिक पहलगाम रूट के लिए निकले।
पहले दिन 12,300 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अधिकारियों के अनुसार, अमरनाथ यात्रा के पहले ही दिन, गुरुवार को कुल 12,300 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में दर्शन किए। श्रद्धालुओं में 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयघोष के साथ उत्साह देखा गया। कई श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान कहा कि उन्हें किसी भी खतरे का भय नहीं है, क्योंकि वे शिव की कृपा में पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था हुई पहले से अधिक सख्त
इस वर्ष की यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक पुख्ता किया गया है, विशेषकर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जिसमें 26 पर्यटकों की कथित तौर पर पहचान पूछकर हत्या कर दी गई थी। उस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, और उसके बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
180 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती
सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ इस बार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा घेरा इतना व्यापक है कि जम्मू के भगवती नगर से लेकर गुफा मंदिर तक के प्रत्येक पड़ाव पर सुरक्षाबलों की तैनाती है। दोनों प्रमुख मार्गों—बालटाल और पहलगाम—पर भी अतिरिक्त चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
दो मार्गों से होती है यात्रा
अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों से पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। पहला और पारंपरिक मार्ग पहलगाम का है, जो अधिक लंबा है और जिसमें 46 किलोमीटर की दूरी चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए तय करनी होती है। यह मार्ग प्रकृति प्रेमियों के लिए रमणीय अनुभव होता है।
दूसरा मार्ग बालटाल का है, जो भले ही छोटा (14 किलोमीटर) हो, लेकिन खड़ी चढ़ाई और कठिनाइयों से भरा होता है। बालटाल मार्ग से यात्री उसी दिन वापसी भी कर सकते हैं, इसलिए यह उन श्रद्धालुओं के लिए उपयुक्त है जो कम समय में यात्रा करना चाहते हैं।
संवेदनशीलता के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बरकरार
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह इस बार विशेष रूप से उल्लेखनीय है। तमाम सुरक्षा चुनौतियों और संवेदनशील परिस्थितियों के बावजूद लोग बड़ी संख्या में जम्मू पहुंच रहे हैं। उनके उत्साह और आस्था को देखकर यह स्पष्ट है कि यात्रा का पवित्र उद्देश्य भय से कहीं ऊपर है।
अधिकारियों की सख्त निगरानी
यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। यात्रा मार्गों पर नियंत्रण कक्ष, सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल सहायता केंद्र और विश्राम स्थलों की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
अमरनाथ यात्रा का यह प्रारंभिक चरण ही इस बात का संकेत दे रहा है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। सुरक्षा व्यवस्था की चुस्ती और प्रशासनिक तैयारियों के चलते तीर्थयात्री खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और यह यात्रा अध्यात्मिक और भावनात्मक दृष्टि से अत्यंत सफल साबित हो रही है। बाबा बर्फानी की कृपा से यह यात्रा निर्विघ्न रूप से पूरी हो, यही कामना है।














