
गुरुग्राम के चर्चित राधिका यादव हत्याकांड में अब तक दो कारण सामने आ चुके हैं, जो पिता दीपक यादव की नाराजगी की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। इस दर्दनाक कहानी में जहां एक ओर एक बेटी अपने सपनों को पंख देने की कोशिश कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ उसके पिता समाज के तानों से टूट चुके थे। राधिका सोशल मीडिया पर एक्टिव थीं, रील बनाती थीं, और टेनिस एकेडमी चलाती थीं। लेकिन पिता को यह सब खटक रहा था।
राधिका ने जीशान अहमद नाम के युवक के साथ एक म्यूजिक वीडियो में काम किया था। एक साल पहले यह गाना रिलीज हुआ था, जिसका नाम ‘कारवां’ था। इस गाने को जीशान ने प्रोड्यूस किया था। जहां राधिका इस प्रोजेक्ट को अपने करियर का एक अहम पड़ाव मान रही थीं, वहीं दीपक यादव इसे अपनी बेइज्जती का सबब समझ बैठे।
पुलिस गिरफ्त में दिए गए बयान में दीपक यादव ने कहा – “लोग मुझे ताने मारते थे कि मैं बेटी की कमाई खा रहा हूं। उसके बारे में गंदी बातें करते थे। मैं यह सब बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। मैंने उसे कई बार कहा कि एकेडमी बंद कर दे, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। मैं लोगों की बातों से टूट चुका था, इसलिए मैंने उसे मार डाला।” सोचिए, एक पिता जिसकी आंखों में बेटी के लिए गर्व होना चाहिए था, वहां जलन और गुस्से ने घर बना लिया।
‘कारवां’ गाना बना विवाद का केंद्र
जिस गाने में राधिका ने जीशान संग काम किया था, उसके बोल हैं:
"कारवां चलता रहा मेरा… दिन भी ये ढलता रहा मेरा… फिर तुम्हारी याद आई हमको… रो गए हम सोच करके तुमको…"
INAAM यूट्यूब चैनल पर मौजूद इस गाने पर अब लोग श्रद्धांजलि देते हुए कमेंट कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा – “कितना मासूम चेहरा है, कितनी प्यारी आंखें... लगता ही नहीं कि अब वो इस दुनिया में नहीं है।”
दूसरे ने सवाल उठाया – “ऐसा क्या देख लिया पिता ने कि बेटी की जान ले ली? न कोई अश्लीलता, न कोई बेहूदगी... सिर्फ मासूमियत थी इसमें।”
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर बनना चाहती थी राधिका
राधिका की ख्वाहिश थी कि वह एक सोशल मीडिया स्टार बने, अपने टैलेंट से पहचान बनाए। लेकिन उसके पिता वीडियो को डिलीट करने के लिए उस पर दबाव बना रहे थे। जब उसने उनकी बात नहीं मानी, तो वही पिता उसका काल बन बैठा। हालांकि, इन वजहों की पुलिस पुष्टि अभी नहीं हुई है, और जांच जारी है।
राधिका के चाचा का आंखों देखा हाल
राधिका के चाचा ने मीडिया से बात करते हुए बताया – “सुबह साढ़े 10 बजे गोली जैसी तेज आवाज सुनाई दी। मैं और मेरा बेटा पीयूष दौड़कर ऊपर पहुंचे। दरवाजा खोलते ही देखा कि राधिका खून से लथपथ पड़ी है। उस वक्त घर में भैया दीपक, भाभी मंजू और राधिका ही मौजूद थे। दीपक के पास .32 बोर की लाइसेंसी रिवॉल्वर थी और उसी से राधिका की कमर पर तीन गोलियां मारी गई थीं। हम तुरंत उसे सेक्टर-56 के Asia Marinho Hospital लेकर गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”














