
नए साल से ठीक पहले हरियाणा में मौसम का मिजाज अचानक बदलने के संकेत मिल रहे हैं। एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में करीब दो महीनों से जारी सूखे मौसम का सिलसिला अब टूट सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय मध्यम तीव्रता के पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे-धीरे मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण विकसित हो गया है, जिससे नमी बढ़ने लगी है और इसका असर हरियाणा-एनसीआर में साफ तौर पर दिखाई देगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बुधवार से शुक्रवार के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विभाग के मुताबिक, 2 जनवरी तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना रहेगा, जिसके चलते रुक-रुक कर वर्षा हो सकती है। हालांकि, इसके बाद जैसे ही यह सिस्टम कमजोर पड़ेगा, उत्तर दिशा से ठंडी और बर्फीली हवाएं मैदानी क्षेत्रों की ओर रुख करेंगी। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और नए साल की शुरुआत में पारा तेजी से लुढ़क सकता है। अनुमान है कि तापमान छह डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाएगा, जिससे कड़ाके की ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ा देगी।
कोहरे और नमी ने बढ़ाई दिक्कतें
मंगलवार को वातावरण में नमी की मात्रा अधिक रहने के कारण घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे रहे कि कोहरा मानो बूंदों के रूप में गिरता नजर आया। पेड़-पौधे, सड़कें और आसपास का इलाका पूरी तरह भीगा हुआ दिखा। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई और कई जगह यह महज पांच मीटर तक सिमट गई। इससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ और खासकर वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के चलते कोहरा देर तक छंट नहीं सका। दोपहर करीब दो बजे जाकर धूप के दर्शन हुए। इससे पहले सड़कों पर रेंगते वाहन और जगह-जगह फंसे लोग नजर आए। कई क्षेत्रों से हल्की दुर्घटनाओं की खबरें भी सामने आईं, जो कोहरे की गंभीरता को दर्शाती हैं।
कोल्ड-डे जैसे हालात, तापमान में और गिरावट
घने कोहरे और सर्द हवाओं के चलते मंगलवार को पूरे दिन ठिठुरन का अहसास बना रहा। न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस तक ही पहुंच सका। दोपहर तक धूप न निकलने के कारण कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनी रही। लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव जलाते और गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
मौसम विज्ञानी डॉ. प्रेमदीप (केवीके, जगदीशपुर) के अनुसार, मौसम फिलहाल परिवर्तनशील बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहली जनवरी को भी बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद उत्तर से चलने वाली बर्फीली हवाएं तापमान को और नीचे ले जाएंगी, जिससे कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। चार जनवरी तक कोहरा छाए रहने की भी संभावना बनी हुई है।














