
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। बुधवार, 20 अगस्त 2025 को राधाकृष्णन ने संसद भवन में औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे और उन्होंने मुख्य प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए।
नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया संसद भवन में गरिमामय माहौल में संपन्न हुई, जहां केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी शामिल हुए। इस मौके को एनडीए ने अपनी एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन का अवसर भी बनाया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ भाजपा अध्यक्ष और अन्य प्रमुख नेताओं की उपस्थिति ने इस नामांकन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
सीपी राधाकृष्णन का नाम एनडीए द्वारा उपराष्ट्रपति पद के लिए घोषित किया जाना पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रहा है। राधाकृष्णन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और संगठनात्मक स्तर पर पार्टी के लिए कई वर्षों तक सक्रिय योगदान दिया है। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
#WATCH | NDA candidate for Vice President post, C.P. Radhakrishnan files his nomination in the presence of PM Narendra Modi. pic.twitter.com/nYEWPdNqpx
— ANI (@ANI) August 20, 2025
उपराष्ट्रपति चुनाव में राधाकृष्णन की उम्मीदवारी को एनडीए की मजबूत संख्या बल का लाभ मिलेगा। संसदीय समीकरणों को देखते हुए उनका चुना जाना भी लगभग तय माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रहे जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है और मुकाबला तय है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष ने अपना उम्मीदवार उतारा तो है लेकिन तब भी एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत होने के चलते राधाकृष्णन की जीत लगभग सुनिश्चित है। यह चुनाव संसद सदस्यों के मतों से होगा, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल रहते हैं।
इस प्रकार, सीपी राधाकृष्णन का नामांकन न केवल औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि यह एनडीए की रणनीतिक शक्ति और एकजुटता को भी दर्शाता है।














