न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

सोनम वांगचुक और CJP के बीच बढ़ी दूरियां? राजघाट पर पत्नी संग पहुंचे, पार्टी का कोई बड़ा चेहरा नहीं आया नजर

राजघाट पर पत्नी के साथ पहुंचे सोनम वांगचुक के साथ CJP का कोई बड़ा नेता नजर नहीं आया। अनशन खत्म होने के बाद दोनों के बीच बढ़ती दूरियों, आंदोलन की रणनीति और सरकार से बातचीत को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 27 Jul 2026 10:23:50

सोनम वांगचुक और CJP के बीच बढ़ी दूरियां? राजघाट पर पत्नी संग पहुंचे, पार्टी का कोई बड़ा चेहरा नहीं आया नजर

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद लद्दाख रवाना होने से पहले अपनी पत्नी गीतांजलि आंग्मो के साथ राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। हालांकि इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कोई भी प्रमुख नेता उनके साथ दिखाई नहीं दिया। यही वजह है कि वांगचुक और सीजेपी के बीच बढ़ती दूरियों को लेकर राजनीतिक और आंदोलनकारी हलकों में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच वांगचुक ने अपनी पत्नी के साथ अकेले ही बापू को नमन किया। उल्लेखनीय है कि 28 जून को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू करने से पहले भी वह राजघाट पहुंचे थे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी हुए बिना अनशन समाप्त करने के फैसले ने पहले ही सोनम वांगचुक और सीजेपी नेतृत्व के बीच मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया था। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही साफ कर दिया कि पार्टी का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। इसी कारण सीजेपी ने जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा और बाद में मंत्री के इस्तीफे के बाद ही आंदोलन समाप्त किया।

18 जुलाई के बाद नहीं हुई मुलाकात?

राजनीतिक सूत्रों की मानें तो सीजेपी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की 18 जुलाई के बाद सोनम वांगचुक से कोई मुलाकात नहीं हुई। उसी दिन दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से वांगचुक को हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में उन्हें गुरुग्राम के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां सरकार की ओर से संसद मार्च के बाद भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह उनसे बातचीत करने पहुंचे।

बताया जाता है कि इस वार्ता के दौरान वांगचुक ने अपनी कुछ मांगों में बदलाव किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को आगे नहीं बढ़ाया। सरकार ने उनकी शेष तीन मांगों पर सहमति जताते हुए लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। जबकि जंतर-मंतर पर लगे आंदोलन के मुख्य बैनर में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे प्रमुख रूप से दर्ज थी।

वांगचुक के अनशन खत्म करने के तुरंत बाद सीजेपी ने अलग रुख अपनाते हुए घोषणा कर दी कि आंदोलन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा। अभिजीत दीपके ने देशभर में प्रदर्शन तेज करने और सरकार पर दबाव बढ़ाने की अपील भी की। इस घटनाक्रम ने यह संकेत दिया कि आंदोलन की दिशा को लेकर वांगचुक और सीजेपी नेतृत्व अब एकमत नहीं रहे।

छात्र आंदोलन के बीच और गहरी हुई दूरी

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच वास्तविक दूरी उसी दिन से शुरू हुई, जब अनशन समाप्त हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को मुख्य मुद्दा बनाकर शुरू हुए आंदोलन में 20 जुलाई को संसद मार्च के बाद अचानक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जंतर-मंतर पहुंचने लगे। इससे पहले तक आंदोलन में अपेक्षाकृत कम भीड़ थी और सीजेपी के नेता लगातार लोगों की कम भागीदारी को लेकर चिंता जता रहे थे।

लेकिन जब छात्रों का हुजूम आंदोलन स्थल पर पहुंचा और पूरे माहौल में नई ऊर्जा दिखाई देने लगी, उस समय सोनम वांगचुक वहां मौजूद नहीं थे। अस्पताल में भर्ती होने के कारण वह इस बदलते घटनाक्रम का हिस्सा नहीं बन सके। जंतर-मंतर पर लग रहे नारों और बढ़ते जनसमर्थन ने सीजेपी नेतृत्व पर आंदोलन को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रखने का दबाव और बढ़ा दिया। कई लोगों का मानना है कि यदि उस समय वांगचुक मंच पर मौजूद होते, तो आंदोलन की रणनीति अलग हो सकती थी। लेकिन अस्पताल में पुलिस निगरानी और आंदोलन स्थल के बीच बनी दूरी को उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो भी कम नहीं कर सकीं।

सरकार की रणनीति और अलग-अलग बातचीत


राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि सरकार ने शुरू से ही सोनम वांगचुक और सीजेपी नेतृत्व से अलग-अलग स्तर पर बातचीत की रणनीति अपनाई। माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया के जरिए सरकार दोनों पक्षों की प्राथमिकताओं और मांगों को अलग-अलग समझने में सफल रही। अंततः धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना ही वांगचुक का अनशन समाप्त हो गया, जबकि सीजेपी अपने मूल एजेंडे पर कायम रही।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वांगचुक को मनाने के लिए लद्दाख के कुछ नेताओं की भी मदद ली, जो अनशन समाप्त होने के समय मौजूद थे। गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन 20 जून से जारी था, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे थे। ऐसे में उनके द्वारा इस प्रमुख मांग से पीछे हटना सीजेपी नेतृत्व के लिए अप्रत्याशित माना गया।

कानूनी कार्रवाई पर भी अलग-अलग रुख

आंदोलनकारियों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों की सोच अलग दिखाई दी। सोनम वांगचुक सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने के आश्वासन से संतुष्ट नजर आए, जबकि सीजेपी ने सभी आंदोलनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी तरह रोकने की मांग उठाई।

अब बिहार समेत कई राज्यों में आंदोलन से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों के बाद सीजेपी एक बार फिर सक्रिय हो गई है। पार्टी ने सरकार से अपने वादों पर कायम रहने की अपील की है और चेतावनी दी है कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि भविष्य में यदि सीजेपी किसी नए आंदोलन की शुरुआत करती है, तो क्या सोनम वांगचुक फिर उसके साथ मंच साझा करेंगे या दोनों की राहें अब पूरी तरह अलग हो चुकी हैं।

राज्य
View More

Shorts see more

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

सिर्फ 10 मिनट का ताड़ासन बदल सकता है आपकी सेहत, जानिए इसके अद्भुत लाभ

  • खाली पेट देसी घी खाने से पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है।
  • यह त्वचा में निखार और हड्डियों को मजबूती देने में मददगार माना जाता है।
  • संतुलित मात्रा में घी दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
read more

ताजा खबरें
View More

NCP के दोनों गुटों के एक होने की चर्चाएं तेज, अमित शाह से अलग-अलग मुलाकातों ने बढ़ाईं राजनीतिक अटकलें
NCP के दोनों गुटों के एक होने की चर्चाएं तेज, अमित शाह से अलग-अलग मुलाकातों ने बढ़ाईं राजनीतिक अटकलें
सोनम वांगचुक और CJP के बीच बढ़ी दूरियां? राजघाट पर पत्नी संग पहुंचे, पार्टी का कोई बड़ा चेहरा नहीं आया नजर
सोनम वांगचुक और CJP के बीच बढ़ी दूरियां? राजघाट पर पत्नी संग पहुंचे, पार्टी का कोई बड़ा चेहरा नहीं आया नजर
NEET में उम्मीद से कम नंबर आए, महाराष्ट्र में छात्रा ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या
NEET में उम्मीद से कम नंबर आए, महाराष्ट्र में छात्रा ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या
छात्र आंदोलन में AK-47 चलाने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड, राहुल गांधी के आरोपों को संबित पात्रा ने बताया था झूठा
छात्र आंदोलन में AK-47 चलाने वाला पुलिसकर्मी सस्पेंड, राहुल गांधी के आरोपों को संबित पात्रा ने बताया था झूठा
जंतर-मंतर का आंदोलन खत्म, अब पंजाब पर नजर! CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिए अगले कदम के संकेत
जंतर-मंतर का आंदोलन खत्म, अब पंजाब पर नजर! CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिए अगले कदम के संकेत
जंतर-मंतर आंदोलन से कांग्रेस ने क्यों बनाई दूरी? राहुल गांधी के करीबी ने बताई वजह, इस्तीफे का श्रेय किसे मिला
जंतर-मंतर आंदोलन से कांग्रेस ने क्यों बनाई दूरी? राहुल गांधी के करीबी ने बताई वजह, इस्तीफे का श्रेय किसे मिला
पेपर विवाद के बाद अब पेट्रोल पर सरकार को घेरेंगे केजरीवाल, E20 के खिलाफ छेड़ा नया अभियान
पेपर विवाद के बाद अब पेट्रोल पर सरकार को घेरेंगे केजरीवाल, E20 के खिलाफ छेड़ा नया अभियान
'जना नायकन' का बॉक्स ऑफिस पर तूफानी प्रदर्शन, चौथे दिन विजय की फिल्म ने मचाया धमाल; 100 करोड़ क्लब के पार पहुंची कमाई
'जना नायकन' का बॉक्स ऑफिस पर तूफानी प्रदर्शन, चौथे दिन विजय की फिल्म ने मचाया धमाल; 100 करोड़ क्लब के पार पहुंची कमाई
'मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी'... BJP सांसद की बेटी अपने बयान पर अड़ी, सोशल मीडिया पर मचा बवाल; फिर गायब हुआ इंस्टाग्राम अकाउंट
'मैं पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी'... BJP सांसद की बेटी अपने बयान पर अड़ी, सोशल मीडिया पर मचा बवाल; फिर गायब हुआ इंस्टाग्राम अकाउंट
रसोई में छाए 'बिट्टू-बिट्टी', हंसी और स्वाद के दम पर अली गोनी-जन्नत जुबैर बने 'लाफ्टर शेफ्स 3' के विनर
रसोई में छाए 'बिट्टू-बिट्टी', हंसी और स्वाद के दम पर अली गोनी-जन्नत जुबैर बने 'लाफ्टर शेफ्स 3' के विनर
क्या पर्याप्त नींद न लेने से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर? जानें किन संकेतों से समझें कि आपकी नींद पूरी नहीं हो रही
क्या पर्याप्त नींद न लेने से बढ़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर? जानें किन संकेतों से समझें कि आपकी नींद पूरी नहीं हो रही
सोया चाप खाने वाले जरूर देखें! वायरल वीडियो ने उड़ाए लोगों के होश, देखकर बिगड़ सकता है आपका मूड
सोया चाप खाने वाले जरूर देखें! वायरल वीडियो ने उड़ाए लोगों के होश, देखकर बिगड़ सकता है आपका मूड
चावल के आटे और चना दाल से बनाएं टेस्टी फरे, हल्के, हेल्दी और स्वाद से भरपूर; मिनटों में तैयार होगी आसान रेसिपी
चावल के आटे और चना दाल से बनाएं टेस्टी फरे, हल्के, हेल्दी और स्वाद से भरपूर; मिनटों में तैयार होगी आसान रेसिपी
गुलाब की पंखुड़ियों से घर पर तैयार करें नेचुरल लिप बाम, होंठ रहेंगे गुलाबी, मुलायम और लंबे समय तक मॉइस्चराइज्ड
गुलाब की पंखुड़ियों से घर पर तैयार करें नेचुरल लिप बाम, होंठ रहेंगे गुलाबी, मुलायम और लंबे समय तक मॉइस्चराइज्ड