राजस्थान की राजधानी जयपुर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में नाराजगी है। सोडाला तिराहा से गुर्जर की थड़ी तक न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए कई दुकानों और निर्माणों को ध्वस्त किया। कार्रवाई से प्रभावित लोगों का कहना है कि उनकी संपत्तियां अधिकृत हैं और कुछ दुकानदारों के पास सोसाइटी का पट्टा भी मौजूद है, इसके बावजूद उनके निर्माणों को अतिक्रमण बताया जा रहा है।
दुकानदार का दावा- हमारे पास पट्टा है, फिर अतिक्रमण कैसे?
सोडाला क्षेत्र के दुकानदार रमेश ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी जगह अधिकृत है और वहां किसी तरह का अतिक्रमण नहीं है। उनके मुताबिक, उनके पास सोसाइटी का विधिवत पट्टा मौजूद है। ऐसे में उनका सवाल है कि जेडीए किस आधार पर उनके निर्माण को अतिक्रमण मान रहा है। रमेश ने कहा कि यदि प्राधिकरण के अनुसार निर्माण अतिक्रमण है तो इसका प्रमाण भी सामने रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि दुकानदारों के पास जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किस हिस्से को अतिक्रमण माना गया है।
उनकी मांग है कि जेडीए यह बताए कि अतिक्रमण किस तरह हुआ और कार्रवाई के लिए क्या आधार है। रमेश के मुताबिक, केवल यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि निर्माण अतिक्रमण है, बल्कि इसका प्रमाण भी दिया जाना चाहिए।
महिला दुकानदार बोलीं- बच्चे बेरोजगार हो गए
कार्रवाई से प्रभावित एक महिला दुकानदार ने तोड़फोड़ के बाद हुए नुकसान को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि दुकान टूटने से उनका बच्चा बेरोजगार हो गया है। महिला ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में जेडीए की ओर से स्पष्ट तरीके से निशान तक नहीं लगाए गए।
महिला के अनुसार, पहले दुकानदारों को बताया गया था कि करीब 7 फीट तक का हिस्सा हटाया जाएगा। इसी जानकारी के आधार पर कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों और निर्माण का हिस्सा खुद ही तोड़ दिया। लेकिन बाद में फुटपाथ तोड़े जाने की बात कही गई, जिससे प्रभावित लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, "अभी बोलेंगे तब भी टूटेगी, नहीं बोलेंगे तब भी टूटेगी। पहले ही हमारा इतना नुकसान हो चुका है। बच्चे बेरोजगार हो गए हैं।"
पहले जानकारी मिलती तो तैयारी कर लेते: प्रभावित महिला
एक अन्य प्रभावित महिला ने कहा कि उन्हें कार्रवाई को लेकर पहले स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले सही तरीके से बताया जाता कि कितने हिस्से और किस तरह के निर्माण को हटाया जाना है, तो वे उसी हिसाब से तैयारी कर सकते थे। महिला के मुताबिक, पहले 7 फीट तक निर्माण हटाने की बात कही गई थी। इसी आधार पर उन्होंने खुद अपनी बिल्डिंग का हिस्सा तोड़ दिया। उनका आरोप है कि सही नाप और स्पष्ट जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी, ताकि दुकानदार उसी के अनुसार नुकसान को कम कर सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में उनका लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। साथ ही उन्हें अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि जेडीए की टीम दोबारा कब कार्रवाई करने पहुंचेगी।
दुकानदारों की मांग- एक बार में कार्रवाई कर स्पष्टता दी जाए
प्रभावित महिला ने कहा कि यदि निर्माण हटाना ही है तो एक बार में स्पष्ट रूप से कार्रवाई पूरी की जाए, ताकि दुकानदारों को बार-बार होने वाली तोड़फोड़ और अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि नुकसान पहले ही काफी हो चुका है और अब उन्हें यह पता नहीं है कि आगे किस हिस्से पर कार्रवाई होगी। न्यू सांगानेर रोड पर हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने जेडीए की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके पास संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और पट्टे मौजूद हैं, इसलिए कार्रवाई से पहले उन्हें स्पष्ट जानकारी और निर्माण की सही सीमा बताई जानी चाहिए थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जेडीए ने सोडाला तिराहा से गुर्जर की थड़ी तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। वहीं, कार्रवाई से प्रभावित दुकानदार अपने दस्तावेजों के आधार पर निर्माण को अधिकृत बताते हुए जेडीए की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।














