
केंद्र सरकार के लाए गए संचार सारथी ऐप को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुरक्षा और गोपनीयता के मुद्दों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि यह ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है और इसे लोग चाहें तो अपने फोन से हटा भी सकते हैं। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में सख्त बयान दिया है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार का यह कदम तानाशाही प्रवृत्ति का उदाहरण है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि संचार सारथी ऐप का जबरन इंस्टालेशन व्यक्तिगत गोपनीयता और स्वतंत्रता पर निर्लज्ज हमला है। उन्होंने कहा कि AAP इस निर्देश की कड़ी आलोचना करती है, जिसमें सभी मोबाइल निर्माताओं को नए और पुराने फोन में ‘संचार साथी’ ऐप इंस्टॉल करने का आदेश दिया गया है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि दुनिया के किसी भी लोकतंत्र में कभी भी ऐसा प्रयास नहीं किया गया।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि सरकार की अधिसूचना में किसी भी यूजर से व्यक्तिगत सहमति लेने या इसे किसी भी समय हटाने का विकल्प देने का कोई उल्लेख नहीं है। AAP ने इसे लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के लिए खतरा बताते हुए अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की।
हालांकि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया है कि ऐप से न तो कोई जासूसी होती है और न ही कॉल मॉनीटरिंग। उन्होंने कहा, "यदि आप चाहते हैं, तो इसे एक्टिवेट करें; अगर नहीं चाहते, तो इसे एक्टिवेट न करें। इसे अपने फोन में रखना या हटाना पूरी तरह आपकी मर्जी है। अगर इसे इस्तेमाल नहीं करना है, तो इसे डिलीट कर दें। इसमें कोई बाध्यता नहीं है।"














