
देशभर में 26 जनवरी को पूरे उत्साह और गौरव के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इस अवसर पर भव्य परेड का आयोजन हुआ, जिसमें भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता की झलक देखने को मिली। परेड में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के जवानों ने शानदार मार्च पास्ट किया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों की रंग-बिरंगी झांकियों ने देश की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। अब सरकार ने गणतंत्र दिवस परेड 2026 के तहत सर्वश्रेष्ठ झांकी और सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों के पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
मार्चिंग दस्तों में किसे मिला सर्वोच्च सम्मान?
सरकार द्वारा जारी बयान के अनुसार, गणतंत्र दिवस परेड 2026 में तीनों सेनाओं और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) व अन्य सहायक बलों के सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। सैन्य अनुशासन, तालमेल और दमदार प्रस्तुति के आधार पर इन टुकड़ियों को चुना गया।
तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल का पुरस्कार भारतीय नौसेना को प्रदान किया गया।
वहीं CAPF और अन्य सहायक बलों की श्रेणी में दिल्ली पुलिस के मार्चिंग दस्ते को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
झांकियों के विजेताओं की भी हुई घोषणा
गणतंत्र दिवस परेड में झांकियां हमेशा से लोगों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। इस बार भी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत झांकियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सरकार ने सर्वश्रेष्ठ झांकियों के नतीजे भी सार्वजनिक कर दिए हैं।
शीर्ष तीन झांकियों में पहला स्थान महाराष्ट्र को मिला, जिसकी झांकी का विषय था ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’।
दूसरा स्थान जम्मू और कश्मीर की झांकी को दिया गया, जिसमें राज्य के हस्तशिल्प और लोक नृत्यों की समृद्ध परंपरा को दर्शाया गया।
तीसरे स्थान पर केरल की झांकी रही, जिसका विषय था ‘जल मेट्रो और 100% डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल’।
केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम – एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। इसके अलावा विशेष पुरस्कार केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को ‘वंदे मातरम – 150 वर्ष का स्मरणोत्सव’ विषय पर आधारित झांकी के लिए दिया गया। वहीं ‘वंदे मातरम: द इटरनल रेजोनेंस ऑफ इंडिया’ नृत्य समूह को भी विशेष सम्मान से नवाजा गया।
ऑनलाइन वोटिंग में जनता की पसंद कौन रहा आगे?
गौरतलब है कि सरकार ने MyGov पोर्टल के जरिए नागरिकों को अपनी पसंदीदा झांकी और मार्चिंग टुकड़ियों के लिए ऑनलाइन वोट करने का अवसर भी दिया था। इस जनमत सर्वेक्षण के नतीजे कुछ अलग तस्वीर पेश करते हैं।
तीनों सेनाओं में जनता की पसंद के अनुसार सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल असम रेजिमेंट रहा।
CAPF और अन्य सहायक बलों की श्रेणी में CRPF को सबसे अधिक वोट मिले।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की शीर्ष तीन झांकियों में गुजरात (स्वदेशी का मंत्र – आत्मनिर्भरता – स्वतंत्रता: वंदे मातरम), उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति) और राजस्थान (रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श: बीकानेर गोल्ड आर्ट – उस्ता कला) शामिल रहीं।
केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में जनता की पसंदीदा झांकी स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की रही, जिसका विषय था ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की राह पर भारतीय स्कूली शिक्षा को आगे बढ़ाना’।
इस तरह गणतंत्र दिवस परेड 2026 ने न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत को दर्शाया, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता और विकास की सोच को भी एक मंच पर प्रस्तुत किया।














