
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बुधवार को एक गंभीर हमले का शिकार हुईं। जनसुनवाई के दौरान गुजरात से आए एक व्यक्ति ने अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। सूत्रों के अनुसार, हमलावर राजेश खिमजी ने रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारे और उनके बाल भी खींचे। इस दौरान उसने सीएम को धक्का दिया और गंभीर चोट पहुंचाने की कोशिश की। जानकारी मिली है कि हमला लगभग 1 मिनट 20 सेकंड यानी 80 सेकंड तक चलता रहा। इस बीच सुरक्षाकर्मी लगातार उसे रोकने की कोशिश करते रहे।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री को हाथ, कंधे और सिर में चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस केस दर्ज कर रही है और एमएलसी कराई जा रही है। मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि आरोपी पहले से ही इलाके की रेकी कर रहा था। प्रवेश वर्मा ने कहा, “पुलिस यह जांच कर रही है कि उसकी क्या योजना थी। पता चला है कि वह 24 घंटे से इलाके की निगरानी कर रहा था। वह मुख्यमंत्री के शालीमार वाले घर तक पहुंचा और वहां भी रेकी की। रात सिविल लाइंस इलाके में गुजारी और जैसे ही मौका मिला, मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया।”
सीएम के बाल पकड़ने तक पहुंचा हमला, मुश्किल से छुड़ाई गईं
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि हमलावर ने मुख्यमंत्री को कुछ समय तक नहीं छोड़ा। उसने उनके बाल पकड़ लिए थे। पुलिस और अन्य लोग कई बार कोशिश करने के बावजूद उन्हें छुड़ाने में मुश्किल का सामना कर रहे थे। अंततः किसी तरह मुख्यमंत्री को हमलावर के हाथों से सुरक्षित निकाला गया। जब सवाल उठाया गया कि क्या हमलावर डॉग लवर था, तो मंत्री ने कहा कि पुलिस इसकी जांच कर रही है और अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
मुख्यमंत्री का हौसला बरकरार
प्रवेश वर्मा ने कहा कि हमले के बावजूद मुख्यमंत्री का हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि रेखा गुप्ता जनसुनवाई और जनसंपर्क के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और दिल्ली के लिए काम करती रहेंगी। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य लाभ लेने की गुजारिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला राजनीतिक साजिश का हिस्सा था या नहीं, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
हमलावर कौन है
रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले आरोपी का नाम राजेश खिमजी है और वह गुजरात के राजकोट का रहने वाला है। गुजरात पुलिस भी इस मामले में जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पर हमला क्यों किया। राजकोट में राजेश की मां और कुछ पड़ोसियों का कहना है कि वह पशु प्रेमी है। इसी वजह से यह संभावना जताई जा रही है कि हाल में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुत्तों को लेकर दिए गए फैसले से वह नाराज था। इसके अलावा एक थ्योरी यह भी है कि उसका कोई परिवार का सदस्य जेल में है, जिसके चलते वह आक्रोशित था। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।














