
नई दिल्ली। भारतीय सेना में उपसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह 1 अगस्त को नए उपसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
इस अवसर पर सेना की गरिमा और परंपराओं के अनुरूप दो मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सबसे पहले, लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह 1 अगस्त को सुबह 9:30 बजे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद सुबह 10 बजे साउथ ब्लॉक (रक्षा मंत्रालय) के लॉन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया जाएगा।
पुष्पेंद्र सिंह का सैन्य सफर
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1987 में 4 पैरा में कमीशन मिला था। अपने तीन दशक लंबे सैन्य जीवन में वे ऑपरेशन पवन, मेघदूत, रक्षक और ऑपरेशन आर्किड का हिस्सा रहे। वे संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भी लेबनान और श्रीलंका में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
राजा सुब्रमणि की विदाई
सेवानिवृत्त हो रहे लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का सैन्य जीवन उत्कृष्टता से परिपूर्ण रहा। उन्होंने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। उनकी अकादमिक योग्यता भी बेजोड़ रही है — उन्होंने किंग्स कॉलेज, लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एम.फिल. किया है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न कमांड, स्टाफ और प्रशिक्षण पदों पर कार्य किया और पश्चिमी व उत्तरी सीमाओं पर रणनीतिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें उनकी सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
सेनाध्यक्ष की सराहना
भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे सभी वरिष्ठ अधिकारियों की "अद्वितीय एवं निस्वार्थ सेवा" की सराहना करते हुए उन्हें विदाई दी। उन्होंने कहा कि,
“मातृभूमि की रक्षा में समर्पित ये अधिकारी अब अपने अनुभव, अनुशासन और मूल्य आधारित नेतृत्व से राष्ट्र निर्माण की नई दिशाओं को प्रज्वलित करते रहेंगे।”














