
नई दिल्ली: उत्तम नगर में होली के दिन हुई युवक की हत्या के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी निज़ामुद्दीन की संपत्ति पर बुलडोजर कार्रवाई की है। नगर निगम (एमसीडी) की टीम ने आरोपी से जुड़े अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, होली के दौरान 25 वर्षीय तरुण की निर्मम हत्या के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में अब तक एक नाबालिग सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ा दी गई है और मामले की जांच लगातार जारी है। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिया कड़ी कार्रवाई का भरोसा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए इसे “हृदयविदारक, निंदनीय और चौंकाने वाला” करार दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी में इस तरह के जघन्य अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली में हिंसक और अमानवीय घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन समय में दिल्ली सरकार पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
#WATCH | Uttam Nagar murder case: Municipal Corporation of Delhi (MCD) carries out bulldozer action against the property of an accused. According to officials, action is being taken against the property linked to the accused Nizamuddin.
— ANI (@ANI) March 8, 2026
Police have so far apprehended seven… pic.twitter.com/bCl211h6Nf
छोटे विवाद से शुरू हुई हिंसक घटना
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला एक मामूली विवाद से शुरू हुआ था। जानकारी के मुताबिक 4 मार्च (होली के दिन) एक 9 साल की बच्ची ने अपनी छत से गलती से एक महिला पर पानी से भरा गुब्बारा गिरा दिया। इस छोटी सी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से चल रहा तनाव अचानक बढ़ गया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
बताया जा रहा है कि इस विवाद में करीब 20 से 25 लोग शामिल हो गए थे। इसी दौरान युवक तरुण पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में हत्या के साथ-साथ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया है। पीड़ित के भाई अरुण कुमार ने भी आरोप लगाया है कि इस घटना में बड़ी भीड़ शामिल थी और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।













