
नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के हालिया बयानों को न केवल गैर-जिम्मेदाराना बताया, बल्कि इसे उसकी पुरानी आदत करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार अपनी नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए भारत-विरोधी बयान देता है, लेकिन इस तरह के प्रयास का नतीजा इस बार बहुत सख्त हो सकता है।
जायसवाल की यह प्रतिक्रिया सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के विवादित बयान के जवाब में आई है। अमेरिका के फ्लोरिडा में पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के एक कार्यक्रम में मुनीर ने दावा किया था कि पाकिस्तान, भारत को सिंधु नदी का पानी रोकने नहीं देगा और जरूरत पड़ने पर किसी भी बांध को नष्ट कर देगा। उनका कहना था कि "हम इंतजार करेंगे कि भारत बांध बनाए और फिर उसे गिरा देंगे… सिंधु नदी भारत की निजी संपत्ति नहीं है।"
भारत ने इस बयान को बेहद गंभीरता से लेते हुए याद दिलाया कि वह पहले भी पाकिस्तान की परमाणु धमकियों के आगे झुकने से इनकार कर चुका है। जायसवाल ने कहा कि ऐसे बयान न केवल पाकिस्तान की गैर-जिम्मेदारी को उजागर करते हैं, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करते हैं कि वहां परमाणु हथियारों पर किस तरह का नियंत्रण है, खासकर जब सेना और आतंकी संगठनों की नज़दीकी जगज़ाहिर है।
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी खेद जताया कि यह भड़काऊ बयान किसी तीसरे मित्र देश की जमीन से दिया गया। उन्होंने दोहराया कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हर कदम उठाने के लिए तैयार है।
यह पहली बार नहीं है जब भारत को इस तरह प्रतिक्रिया देनी पड़ी हो। कुछ महीने पहले भी, जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कश्मीर को इस्लामाबाद की "शिरा" बताया था, तब भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान से उसका एकमात्र रिश्ता वहां के अवैध कब्जे को खत्म करने का है।














