दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मानसून सक्रिय होने के बावजूद लोगों को भीषण उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। दिन के समय तेज धूप और बीच-बीच में होने वाली हल्की बारिश ने मौसम को और अधिक असहज बना दिया है। बारिश के बाद कुछ समय के लिए तापमान में कमी जरूर महसूस होती है, लेकिन वातावरण में बढ़ती नमी के कारण चिपचिपी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार, गले के संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
अगले कई दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगले कई दिनों तक मौसम का यही रुख बना रहने की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और समय-समय पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी दिन के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
31 जुलाई को अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके बाद 1 अगस्त से तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। 1 और 2 अगस्त को अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री तथा न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दौरान वातावरण में नमी का स्तर बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिससे उमस और अधिक महसूस होगी।
3 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन आर्द्रता 95 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो लोगों को अधिक असहज महसूस करा सकती है। वहीं 4 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 5 अगस्त को तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है।
बारिश के बाद क्यों बढ़ जाती है उमस?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में तेज धूप धरती की सतह को गर्म कर देती है। इसके बाद जब हल्की बारिश होती है तो वातावरण में नमी तेजी से बढ़ जाती है। यही नमी लोगों को चिपचिपी गर्मी का अहसास कराती है। ऐसे मौसम में शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे बेचैनी और थकान अधिक महसूस होती है।
स्वास्थ्य पर दिखने लगा असर
बदलते मौसम का असर अस्पतालों में साफ दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों वायरल बुखार, गले में संक्रमण, सर्दी-जुकाम, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
विशेष सावधानी बरतने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना
है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। पर्याप्त
मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना जरूरी है। तेज धूप में
लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए और हल्के सूती वस्त्र पहनने चाहिए। यदि तेज
बुखार, लगातार थकान, गले में संक्रमण या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें
तो बिना देर किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
राहत भी, परेशानी भी
दिल्ली-राष्ट्रीय
राजधानी क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहने
की संभावना है। हालांकि यह बारिश तापमान में कुछ समय के लिए राहत जरूर
देगी, लेकिन बढ़ती नमी के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं
है। ऐसे में लोगों को मौसम के इस दोहरे प्रभाव से बचाव के लिए सावधानी
बरतनी होगी, ताकि मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सके।













