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1200 वस्तुओं पर GST की नई दरें लागू: पेन, स्कूल बैग, किताबें होंगी महंगी, दवा, साबुन और खाद्य पदार्थों पर टैक्स में राहत

इन नई दरों का असर देशभर के उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा पड़ेगा, क्योंकि कई रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं अब महंगी हो जाएंगी, जबकि कुछ उत्पादों पर टैक्स छूट या कटौती से उनकी कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Sat, 20 Sept 2025 3:16:05

1200 वस्तुओं पर GST की नई दरें लागू: पेन, स्कूल बैग, किताबें होंगी महंगी, दवा, साबुन और खाद्य पदार्थों पर टैक्स में राहत

नई दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 1200 से अधिक वस्तुओं पर जीएसटी दरों में संशोधन करते हुए एक विस्तृत अधिसूचना जारी की है, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होगी। इन नई दरों का असर देशभर के उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा पड़ेगा, क्योंकि कई रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं अब महंगी हो जाएंगी, जबकि कुछ उत्पादों पर टैक्स छूट या कटौती से उनकी कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।

अब केवल दो स्लैब: 5% और 18%

GST परिषद ने 3 सितंबर को हुए अपने अहम निर्णय में जीएसटी ढांचे को सरल बनाने के उद्देश्य से 12% और 28% टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया। इसके तहत अब केवल 5% और 18% दो प्रभावी स्लैब रहेंगे। इस निर्णय के पीछे मकसद सप्लाई चेन को सरल बनाना और व्यापारियों के लिए टैक्स संरचना को समझना आसान करना है।

पेन, बैग, किताबें होंगी महंगी


संशोधित दरों के तहत अब बॉलपॉइंट पेन, फाउंटेन पेन, मार्कर, स्कूल बैग, वैनिटी केस, ट्रैवल बैग, संगीत वाद्ययंत्र के केस आदि सभी 18% GST स्लैब में लाए गए हैं। पहले इन पर अलग-अलग दरें लागू थीं।

इसी तरह, मुद्रित पुस्तकों में इस्तेमाल होने वाला बिना लेपित कागज भी अब 18% स्लैब में आएगा, जिससे स्कूल किताबों की कीमतें बढ़ने की संभावना है। हालांकि, प्रयोगशाला नोटबुक और दर्जी के चाक जैसे विशेष लेख अब पूरी तरह टैक्स मुक्त होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि किताबों की लागत में वृद्धि का सीधा असर अभिभावकों और छात्रों पर पड़ेगा, खासकर जब पहले से ही शिक्षा खर्च लगातार बढ़ रहा है।

दैनिक वस्तुएं सस्ती

नई कर दरों में कई दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स दरों में कमी या पूरी छूट दी गई है। जैसे:

—रबड़, पेंसिल शार्पनर, अभ्यास पुस्तकें और नक्शे अब 0% टैक्स के दायरे में लाए गए हैं।

—टूथपाउडर, दूध की बोतलें, रसोई बर्तन, छाते, बर्तन, साइकिल, बांस फर्नीचर और कंघी जैसी वस्तुओं पर 12% से घटाकर 5% GST कर दिया गया है।

—शैम्पू, टैल्कम पाउडर, टूथब्रश, फेस पाउडर, साबुन, हेयर ऑयल जैसी रोजमर्रा की टॉयलेट्रीज़ पर टैक्स 18% से घटाकर 5% किया गया है।

खाद्य वस्तुओं पर टैक्स राहत


दूध, पनीर, मक्खन, घी, खाखरा, सादी रोटी, पिज्जा ब्रेड जैसी रोजमर्रा की खाद्य वस्तुएं अब जीएसटी मुक्त होंगी। वहीं सूखे मेवे, अंजीर, खजूर, जैम, फ्रूट जेली, नारियल पानी, नमकीन, आइसक्रीम, बिस्कुट, पेस्ट्री, और कॉर्नफ्लेक्स पर अब सिर्फ 5% टैक्स लगेगा।

20 लीटर की बोतलों में पैक पेयजल और फलों का रस भी 5% स्लैब में रखे गए हैं।

स्टेशनरी और पैकेजिंग पर भी कटौती


कागज या पेपरबोर्ड से बने बॉक्स, वॉलेट, पाउच और राइटिंग कम्पेंडियम्स पर भी अब 5% GST लागू होगा, जिससे स्कूल और ऑफिस उपयोग की कई चीजें सस्ती हो सकती हैं।

CBIC द्वारा घोषित यह नई GST दर संरचना उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आएगी। जहां एक ओर पेन, बैग और किताबें जैसी शैक्षिक वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, वहीं दूसरी ओर खाद्य, घरेलू और स्वच्छता से जुड़ी वस्तुओं पर महत्वपूर्ण टैक्स राहत दी गई है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और छोटे कारोबारियों को लाभ मिलेगा।

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