
राजधानी दिल्ली इन दिनों प्रदूषण की गहरी चादर में ढकी हुई है। हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों की आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी आम हो गई है। लोग घर से निकलते समय मास्क पहनने को मजबूर हैं, लेकिन प्रदूषण उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण को नियंत्रित करना है। बावजूद इसके, यमुनापार के कई इलाकों में इसके नियमों की खुली अवहेलना हो रही है। जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे वहां रहने वाले लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। दमकल विभाग को रोजाना यमुनापार में कचरा जलने की लगभग दस कॉल मिलती हैं, लेकिन कार्रवाई धीमी नजर आती है।
सीलमपुर, शास्त्री पार्क, उस्मानपुर, गीता कॉलोनी, मयूर विहार, गाजीपुर, सभापुर, सोनिया विहार, मुस्तफाबाद, दिलशाद गार्डन और जगतपुरी सहित कई क्षेत्रों में कचरा जलाया जा रहा है। पहले से ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर है और कूड़ा जलाने की यह गतिविधि हालात को और बदतर बना रही है। खासकर जब कूड़ा सड़कों और आवासीय इलाकों में जलता है, आसपास के लोग ठीक तरह से सांस तक नहीं ले पाते।
सीलमपुर में ट्रैफिक पुलिस बूथ के पास ही कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन पुलिसकर्मी इसे नजरअंदाज करते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार कागजों में GRAP लागू कर रही है, लेकिन जमीन पर स्थिति बेहद निराशाजनक है। जो लोग खुलेआम आग लगाकर कचरा फैला रहे हैं, उनके खिलाफ किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है।
कूड़ा जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
सीपीसीबी और डीपीसीसी के सदस्य डा. अनिल गुप्ता ने कहा कि कूड़ा जलाना कानूनन अपराध है। जो भी व्यक्ति ऐसा करता है, उसे जेल में भेजा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी पर खतरा डालने के समान है। डा. गुप्ता के अनुसार, प्रदूषण दो प्रकार का होता है – प्राकृतिक और मानवजनित। प्राकृतिक प्रदूषण में धूल, आंधी और अन्य प्राकृतिक घटनाएं शामिल हैं, जबकि मानवजनित प्रदूषण मानव गतिविधियों से उत्पन्न होता है। कूड़ा जलाना मानवजनित प्रदूषण का सबसे खतरनाक रूप है, क्योंकि इसमें प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थ जलते हैं, जो हवा और स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक हैं।
डा. गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कर्मचारी या आम नागरिक जो भी कूड़ा जलाए, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जेल की सजा होनी चाहिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
शाहदरा दक्षिणी जोन के चेयरमैन रामकिशोर शर्मा ने कहा, “निगम प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। लोग भी यह समझें कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता कितनी गंभीर है। किसी भी हालत में कचरा जलाना बंद करना चाहिए।”
इस प्रकार यमुनापार में GRAP के नियमों की अनदेखी और कूड़ा जलाने की गतिविधियों ने राजधानी में स्वास्थ्य संकट को और गंभीर बना दिया है। प्रशासन और नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि प्रदूषण को फैलाने वालों पर कड़ा रुख अपनाया जाए और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की जाए।














