
जनवरी की कड़ाके की सर्दी ने दिल्लीवासियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। 15 जनवरी को राजधानी में न्यूनतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम के सबसे निचले स्तरों में शामिल है। सुबह के वक्त घने कोहरे ने हालात और भी चुनौतीपूर्ण बना दिए। कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही, जिसका सीधा असर सड़क यातायात, रेल सेवाओं और उड़ानों पर देखने को मिला।
मौसम विभाग ने ठंड को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले दो घंटों के लिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से लेकर बेहद घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। IMD के अनुसार गुरुवार, 15 जनवरी यानी मकर संक्रांति की सुबह कुछ स्थानों पर पारा 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की आशंका जताई गई है।
शीतलहर और तेज हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि 16 जनवरी तक दिल्ली के कुछ इलाकों में शीतलहर का असर बना रह सकता है। गुरुवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे धूप निकलने की उम्मीद कम है।
इसके अलावा करीब 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं की वजह से तापमान भले ही ज्यादा न गिरे, लेकिन ठंड का अहसास कहीं ज्यादा तेज होगा। अनुमान है कि दिन का अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
हवा की गुणवत्ता बेहद खराब
ठंड और कोहरे के साथ-साथ दिल्ली की हवा भी चिंता बढ़ा रही है। राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 482 तक पहुंच गया है, जिसे बेहद गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सुबह और शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
कब मिलेगी सर्दी से राहत?
IMD के मुताबिक 17 और 18 जनवरी से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक इजाफा हो सकता है, जिससे दिन के समय कुछ राहत मिलेगी। हालांकि 18 से 19 जनवरी के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे सुबह और रात की ठंड फिर तेज हो सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 से 20 जनवरी के बीच अधिकतम तापमान बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। लेकिन 20 से 25 जनवरी के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और ओलावृष्टि के आसार बन सकते हैं।
ऐसे में तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है और ठंड का असर दोबारा बढ़ सकता है। कुल मिलाकर आने वाले दिनों में दिल्ली का मौसम बार-बार रंग बदलता नजर आएगा, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।













