
स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अनहोनी से बचाव के लिए 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, पुलिस आयुक्त एसबीके सिंह ने विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और पुलिस उपायुक्तों को अपने-अपने इलाकों में चौकसी बढ़ाने, हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
लाल किले की सुरक्षा में हाई-टेक टेक्नोलॉजी
इस बार लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे तैयार किए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान और उससे पहले पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। इन तकनीकों के जरिए संभावित खतरों की पहचान और निगरानी रियल टाइम में की जाएगी।
जमीनी स्तर पर कड़ी निगरानी
सिर्फ हाई-टेक उपकरण ही नहीं, बल्कि जमीनी सुरक्षा को भी और मजबूत किया गया है। रात्रि गश्त, पैदल गश्त और सादे कपड़ों में तैनात निगरानी टीमें सक्रिय की गई हैं, ताकि भीड़भाड़ या संवेदनशील इलाकों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
सोशल मीडिया पर डिजिटल पैनी नजर
सुरक्षा व्यवस्था का दायरा अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। साइबर यूनिट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही है। फर्जी खबरें, भड़काऊ पोस्ट या किसी तरह के ऑनलाइन उकसावे को समय रहते पकड़ने और रोकने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय किया गया है।
अर्धसैनिक बल और कमांडो की तैनाती
अधिकारियों के मुताबिक, अर्धसैनिक बलों, विशेष कमांडो यूनिट और दिल्ली पुलिस के जवानों को मिलाकर 10,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को समारोह से एक सप्ताह पहले ही तैनात कर दिया गया है। ये जवान स्वतंत्रता दिवस के दिन और उससे पहले हर सुरक्षा रिंग में तैनात रहेंगे, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।














