
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। क्षेत्र में लागू ग्रेप-4 (GRAP-4) के सख्त प्रतिबंधों को हटा लिया गया है। लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है और सामान्य गतिविधियों में कुछ हद तक सहूलियत लौटने की उम्मीद जगी है।
हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किए जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने यह अहम फैसला लिया है। आयोग ने तत्काल प्रभाव से ग्रेप-4 के तहत लागू सख्त पाबंदियों को वापस लेने का ऐलान किया है। अधिकारियों का कहना है कि हालिया दिनों में वायु गुणवत्ता के स्तर में सुधार के संकेत मिले हैं, जिसके चलते यह निर्णय संभव हो सका।
हालांकि, राहत के बावजूद पूरी छूट नहीं दी गई है। GRAP के चरण-1, चरण-2 और चरण-3 से जुड़े सभी प्रतिबंध फिलहाल लागू रहेंगे, ताकि प्रदूषण के स्तर को दोबारा खतरनाक स्थिति में जाने से रोका जा सके। वर्तमान में दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है, लेकिन ‘गंभीर+’ स्तर से नीचे आने के कारण ग्रेप-4 हटाने का रास्ता साफ हुआ।
इस बीच यह भी सामने आया है कि जब ग्रेप-4 की पाबंदियां लागू थीं, तब भी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में नियमों का खुला उल्लंघन देखने को मिला। अलग-अलग शहरों से ऐसी तस्वीरें और रिपोर्ट्स सामने आईं, जिनमें निर्माण कार्य, धूल नियंत्रण में लापरवाही और अन्य प्रतिबंधों की अनदेखी साफ नजर आई। नियमों की इस अनदेखी ने प्रशासन की सख्ती और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।














