
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे लौट रहा है और राजधानी दिल्ली भी इससे अछूती नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि सितंबर के बाकी दिनों में अब दिल्लीवासियों को बारिश देखने को नहीं मिलेगी। हालांकि गुरुवार और शुक्रवार को कहीं-कहीं हल्की या बहुत हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन शनिवार से लेकर 29 सितंबर तक मौसम शुष्क ही रहने का अनुमान है।
बुधवार को हुई झमाझम, दर्ज हुई अलग-अलग मात्रा
दिल्ली के कई हिस्सों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी पर 45.2 मिमी, लोधी रोड पर 25.6 मिमी, मयूर विहार में 17 मिमी, आयानगर में 0.7 मिमी और राजघाट पर केवल 0.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आईएमडी वैज्ञानिक कृष्ण कुमार के मुताबिक, यह बारिश निचले क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फेरिक) स्तर पर बनी द्रोणिका (trough) की वजह से हुई, लेकिन इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा।
बुधवार को दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच सफदरजंग में 45.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो इस महीने के औसत (123.9 मिमी) के करीब है। अब तक सितंबर में दिल्ली में 129.5 मिमी बारिश हो चुकी है, यानी सामान्य से लगभग 5% ज्यादा।
उमस ने किया परेशान
बरसात के बावजूद दिल्लीवासी गर्मी और उमस से राहत नहीं पा सके। अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री ऊपर 35.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। आर्द्रता का स्तर 53% से लेकर 98% तक रहा। दोपहर बाद गर्मी का असर इतना था कि ताप सूचकांक (heat index) 41.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।
दिल्ली की हवा पर भी नज़र
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता भी लगातार मॉनिटर की जा रही है। लगातार छठे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज हुआ और इसका स्तर 114 रहा। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, गुरुवार को भी स्थिति मध्यम बनी रहेगी, शुक्रवार को कुछ सुधार होगा और AQI ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आ जाएगा। शनिवार को फिर से यह मध्यम स्तर पर पहुँच सकता है।
अब तक का रिपोर्ट कार्ड
इस साल मानसून सीजन दिल्ली के लिए खासा बारिश भरा रहा। सफदरजंग में 640.04 मिमी के सामान्य औसत के मुकाबले अब तक 896 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो 35% अधिक है। जून और जुलाई में क्रमशः 45% और 24% ज्यादा बारिश दर्ज हुई। वहीं अगस्त सबसे खास रहा—इस महीने अकेले 400.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 72% अधिक थी। यह 2010 के बाद सबसे अधिक वर्षा वाला अगस्त साबित हुआ।














