
राजधानी में गुरुवार को एक विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देशभर से आए प्रमुख इमाम हिस्सा लेंगे। यह बैठक दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में होगी और इसमें ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन (AIIO) की अगुवाई में कई बड़े धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मुस्लिम मंच के प्रमुख इंद्रेश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष सहित संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रह सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, संघ प्रमुख मोहन भागवत की इस बैठक में उपस्थिति की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे इस आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
कौन है यह संगठन और क्या है इसका मकसद?
AIIO देशभर के करीब पांच लाख इमामों का प्रतिनिधित्व करता है और दो करोड़ से ज्यादा भारतीय मुसलमानों को धार्मिक व आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस संगठन के प्रमुख इमाम डॉ. उमर अहमद इलियासी हैं, जो लंबे समय से धर्मों के बीच सौहार्द और शांति की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
बैठक का उद्देश्य और मुख्य बिंदु
बैठक की शुरुआत गुरुवार सुबह 9 बजे होगी। सुरक्षा के मद्देनज़र आम नागरिकों की हरियाणा भवन में एंट्री बंद रहेगी। इस बैठक में इमामों के बीच सहयोग और एकजुटता को मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही भारतीय मुस्लिम समाज से जुड़े धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर मार्गदर्शन और संवाद को बढ़ावा देना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहेगा।
डॉ. इलियासी के हालिया बयान और फतवा
मुख्य इमाम डॉ. उमर अहमद इलियासी अपने स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक फतवा जारी किया, जिसमें कहा गया था कि भारत में मारे गए किसी भी आतंकी के जनाज़े में नमाज़ नहीं पढ़ी जानी चाहिए। उनका मानना है कि आतंकवाद इस्लाम के नाम को कलंकित करता है और इसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं है।
यह फतवा 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जारी किया गया था। उन्होंने यह भी अपील की थी कि आतंकी संगठनों को अपने नामों से ‘इस्लामिक’ शब्द हटाना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे नामों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।














