
दिल्ली में लाल किला के पास हुए आतंकवादी हमले की जांच में लगातार चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों को हाल ही में पता चला है कि आतंकियों का उद्देश्य सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था। उनका प्लान चार अलग-अलग शहरों में एक साथ सीरियल ब्लास्ट करने का था। मिली जानकारी के अनुसार, इस साजिश में कुल 8 संदिग्ध शामिल थे। इन 8 आतंकियों ने 4 शहरों में हमले की तैयारी के लिए चार अलग-अलग ग्रुप बना लिए थे। हर ग्रुप में दो सदस्य थे और हर टीम के पास कई IEDs (Improvised Explosive Devices) रखे जाने थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन ग्रुपों का मकसद एक साथ चार शहरों में धमाके करना था। अब सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।
लाल किले से लाजपत राय मार्केट तक मानव अंग मिले
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके का दृश्य इतना भयंकर था कि देखने वालों की रूह कांप गई। ब्लास्ट के तीन दिन बाद यानी 13 नवंबर को भी लाल किले से कुछ दूरी पर मानव अंग बरामद किए गए। लाजपत राय मार्केट में मिली ये बॉडी पार्ट्स लाल किले के बगल स्थित तीन मंजिला जैन मंदिर की इमारत पार करते हुए गिरें पाए गए। इन मानव अंगों को रिकवर कर डीएनए जांच के लिए भेजा गया है, ताकि अज्ञात मृतकों की पहचान कर उनके शव परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।
संदिग्ध आतंकी उमर का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, i20 कार को चलाने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि डॉ. उमर ही था। डीएनए रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है। जांच एजेंसियों ने डॉ. उमर की माँ के डीएनए सैंपल को कार में मिले हड्डियों और दांतों के नमूनों के साथ मिलान किया, जो पूरी तरह से मैच हो गए।














