न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

नई दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की नई पहल, पहली बार लगाए गए ‘डस्ट कैचर’ पोल मशीनें; हवा को शुद्ध करने का किया जा रहा प्रयोग

नई दिल्ली के कीर्तिनगर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पहली बार डस्ट कैचर पोल मशीनें लगाई गई हैं। 21 मशीनों के इस पायलट प्रोजेक्ट के जरिए हवा में मौजूद धूल और धुएं के कणों को साफ किया जा रहा है। IIT दिल्ली द्वारा चुनी गई इस तकनीक का उद्देश्य राजधानी की हवा को शुद्ध बनाना है और इसे भविष्य में सोलर एनर्जी से चलाने की योजना है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Sat, 23 May 2026 2:56:18

नई दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की नई पहल, पहली बार लगाए गए ‘डस्ट कैचर’ पोल मशीनें; हवा को शुद्ध करने का किया जा रहा प्रयोग

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक नई तकनीकी पहल की शुरुआत की गई है। कीर्तिनगर क्षेत्र में पहली बार पोल पर लगाई जाने वाली डस्ट कैचर मशीनें स्थापित की गई हैं, जिनका उद्देश्य आसपास की हवा में मौजूद धूल और धुएं के कणों को कम करना है। इस प्रयोगात्मक परियोजना के तहत फिलहाल 21 मशीनें लगाई गई हैं, जिन्हें स्ट्रीट लाइट के खंभों पर फिट किया गया है।

इन मशीनों को दिल्ली की हवा को साफ करने की दिशा में एक नवाचार के रूप में देखा जा रहा है, जिनका परीक्षण चरण में उपयोग किया जा रहा है।

कैसे काम करती हैं ये डस्ट कैचर मशीनें?

यह विशेष मशीनें फिल्टर-लेस तकनीक पर आधारित हैं, जो हवा को अंदर खींचकर उसमें मौजूद धूल और प्रदूषित कणों को अलग करती हैं और फिर शुद्ध हवा को बाहर छोड़ देती हैं। दावा किया जा रहा है कि एक मशीन एक घंटे में लगभग 3 लाख लीटर हवा को साफ करने की क्षमता रखती है।

मशीन के इनलेट हिस्से से प्रदूषित हवा अंदर ली जाती है, जहां उसे प्रोसेस किया जाता है, और आउटलेट के जरिए साफ हवा वातावरण में छोड़ी जाती है।

प्रदूषक कणों को इकट्ठा करने की व्यवस्था

इन मशीनों के साथ एक विशेष संग्रह बॉक्स भी लगाया गया है, जिसमें हवा से निकाले गए प्रदूषण कण एकत्र होते हैं। जैसे ही इसमें लगभग 2.5 किलोग्राम तक कण जमा हो जाते हैं, एक अलर्ट सीधे कंट्रोल सेंटर तक पहुंच जाता है।

इसके बाद उस बॉक्स को हटाकर नया बॉक्स लगाया जाता है और मशीन फिर से सामान्य रूप से काम करने लगती है। एकत्र किए गए प्रदूषण कणों को बाद में कम्प्रेस करके ईंट जैसे ठोस रूप में बदलने की भी प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी


फिलहाल ये डस्ट कैचर मशीनें बिजली से संचालित हो रही हैं, लेकिन भविष्य में इन्हें सोलर पैनल से जोड़कर सौर ऊर्जा पर चलाने की योजना बनाई गई है। इससे ऊर्जा की खपत कम होगी और यह तकनीक अधिक पर्यावरण-अनुकूल बन सकेगी।

अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इसे दिल्ली के अन्य इलाकों में भी बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।

IIT दिल्ली की भूमिका और परीक्षण प्रक्रिया

इस तकनीक को IIT दिल्ली द्वारा एक इनोवेशन चैलेंज के तहत चुना गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रभावी और व्यावहारिक समाधान तलाशना है।

अधिकारियों के अनुसार, यदि यह मशीनें तय मानकों पर खरी उतरती हैं, तो इन्हें राजधानी के विभिन्न हिस्सों में विस्तार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री की निगरानी और भविष्य की योजना

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इन मशीनों का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। सरकार का मानना है कि यदि यह तकनीक सफल रहती है, तो यह दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

राज्य
View More

Shorts see more

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

सावधान! एक गलत तरबूज बन सकता है कैंसर की वजह, खरीदते वक्त ध्यान रखें ये बातें

  • तरबूज में हानिकारक केमिकल मिलाए जा रहे हैं
  • तरबूज से कैसे हो सकता है कैंसर?
  • कैसे करें सही तरबूज की पहचान?
read more

ताजा खबरें
View More

तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
तमिलनाडु की जेल में बड़ी चूक, एक साथ 17 कैदी फरार
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का खतरा बढ़ा, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल का अनुमान; 140 किमी की हवाओं का अलर्ट
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
8 साल पुराने मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, सुल्तानपुर कोर्ट का फैसला
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
‘पहले आजमगढ़ से मुस्लिम सांसद बनता था, अब अखिलेश का परिवार’, ओवैसी ने उठाए सवाल
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
लखनऊ में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, सआदतगंज में सरेआम चलीं गोलियां; दो लोगों की मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे थे 5 दोस्त, रास्ते में कार बनी आग का गोला, 4 की जिंदा जलकर मौत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
करवा चौथ पर बनेगा लक्ष्मी-नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
शाहरुख खान ने होंठों में गुलाब दबाकर शेयर किया ‘किंग’ का नया पोस्टर, बोले- ‘कातिल नहीं, आशिक हूं’
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
30 सेकंड में थम जाएगा विपक्ष का आंदोलन, लेकिन राहुल गांधी ने रख दी ये बड़ी शर्त
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों के दशकर्म में BJP-JDU कार्यकर्ता भिड़े, प्रशांत किशोर के सामने मारपीट; अजीत यादव घायल
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
एमएस धोनी की Gen Z को सलाह: फिट रहना है तो आज ही बदलें ये 3 आदतें
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
गैस चूल्हे की लौ हो गई है पीली या धीमी? बर्नर साफ करने के लिए अपनाएं ये 3 तरीके
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
मेथी दाने से बनाएं हेयर मिस्ट, तेल और हेयर पैक, जानें इस्तेमाल करने का सही तरीका
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?
गेहूं, ज्वार या रागी: रोजाना रोटी बनाने के लिए कौन सा आटा है सबसे बेहतर?