
बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। सिविल लाइंस स्थित सीएम आवास पर चल रही जनसुनवाई के दौरान अचानक एक युवक ने उन पर हमला करने की कोशिश की। इस घटना ने न केवल सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर मुख्यमंत्री को किस स्तर की सुरक्षा प्रदान की जाती है।
घटना कैसे घटी?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने आवास पर जनता की समस्याएं सुन रही थीं। तभी एक व्यक्ति अर्जी लेकर पहुंचा और अचानक पहले पत्थर फेंकने की कोशिश की तथा फिर थप्पड़ मारने के इरादे से उनके करीब पहुंचा। इस हमले में सीएम को हल्की चोटें आईं। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और मौके पर ही पुलिस को सौंप दिया। वर्तमान में दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
रेखा गुप्ता को मिली है Z कैटेगरी की सुरक्षा
गृह मंत्रालय ने रेखा गुप्ता को शपथ ग्रहण के बाद Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। यह सुरक्षा उन्हें तब मिली जब उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिलीं।
भारत में सुरक्षा कवर खतरे के आकलन के आधार पर तय होता है। Z श्रेणी में करीब 22 से 25 कमांडो तैनात रहते हैं। इसमें व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO), एस्कॉर्ट गार्ड, वॉचर्स और लगभग आठ हथियारबंद सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद आरोपी मुख्यमंत्री तक कैसे पहुंच गया।
यह भी गौर करने वाली बात है कि इससे पहले दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और आतिशी को भी इसी श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।
आरोपी से पूछताछ और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
हमले की खबर फैलते ही सीएम आवास पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस कमिश्नर स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी जानकारी ली।
पुलिस आरोपी युवक से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि हमला किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था या व्यक्तिगत गुस्से का नतीजा।
इस बीच, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, पूर्व सीएम आतिशी और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर इस तरह का हमला बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है।














