
हवाई सफर आमतौर पर सुविधा और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई एक घटना ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। टर्मिनल-1 पर सिक्योरिटी चेक की मामूली सी बात ने इतना तूल पकड़ लिया कि मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया। एक यात्री का दावा है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक ऑफ-ड्यूटी पायलट ने उन पर हमला किया, जिससे उनका चेहरा लहूलुहान हो गया और उनका पूरा परिवार सदमे में चला गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, पीड़ित यात्री का नाम अंकित दीवान है। वह स्पाइसजेट की फ्लाइट से पत्नी, 7 साल की बेटी और 4 महीने की नवजात बच्ची के साथ छुट्टियों के लिए रवाना हो रहे थे। छोटी बच्ची के स्ट्रॉलर को देखते हुए एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें सामान्य लाइन के बजाय स्टाफ की विशेष सिक्योरिटी लाइन से गुजरने की अनुमति दी थी।
अंकित के अनुसार, उसी दौरान कुछ स्टाफ मेंबर लाइन में आगे निकलने की कोशिश करने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो वहां मौजूद एयर इंडिया एक्सप्रेस के कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल (जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे और इंडिगो की फ्लाइट से बेंगलुरु जा रहे थे) भड़क गए। बहस बढ़ती चली गई और आरोप है कि पायलट ने गुस्से में आकर अंकित पर हाथ उठा दिया।
AIX Pilot, Capt. Vijender Sejwal pic.twitter.com/Ntp1pnDgdb
— Ankit Dewan (@ankitdewan) December 19, 2025

घटना के बाद अंकित ने सोशल मीडिया पर अपने खून से सने चेहरे की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, “मेरा खून निकल आया। मेरी 7 साल की बेटी ने यह सब अपनी आंखों से देखा और वह अब भी इस सदमे से उबर नहीं पाई है।” अंकित का यह भी कहना है कि पायलट की शर्ट पर उनके खून के दाग साफ दिखाई दे रहे थे।
पीड़ित यात्री का आरोप है कि इस घटना के बाद उन पर दबाव बनाया गया कि वे एक लिखित बयान दें, जिसमें यह कहा जाए कि वे इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे। उन्हें डराया गया कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो उनकी फ्लाइट छूट जाएगी और करीब 1.2 लाख रुपये की हॉलिडे बुकिंग बर्बाद हो जाएगी। अंकित ने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए सवाल उठाया, “क्या मैं लौटने के बाद शिकायत दर्ज नहीं करा सकता? क्या तब तक CCTV फुटेज गायब हो जाएगा?”
मामले के सामने आते ही एयर इंडिया एक्सप्रेस ने प्रतिक्रिया दी। एयरलाइन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस घटना से हमें गहरा दुख हुआ है, जिसमें हमारा एक कर्मचारी शामिल पाया गया है, जो उस समय दूसरी एयरलाइन का यात्री था। इस व्यवहार की हम कड़ी निंदा करते हैं और हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं।” एयरलाइन ने यह भी बताया कि संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है और मामले की पूरी जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
बयान में आगे कहा गया, “जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, हम इस विषय पर सार्वजनिक रूप से और टिप्पणी नहीं करेंगे। हालांकि, हम यह आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।”
यह घटना एक बार फिर एयरपोर्ट पर लाइन मैनेजमेंट और स्टाफ व यात्रियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर जब छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों को विशेष सुविधा दी जाती है, तो ऐसी अव्यवस्था और तनाव क्यों पैदा होता है? और सबसे अहम सवाल यह है कि अगर कोई पायलट जमीन पर अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पा रहा, तो वह आसमान में सैकड़ों यात्रियों की जिम्मेदारी कैसे संभालेगा?














